AI वीडियो देखकर सावधान! 20 फरवरी से बदल जाएंगे सोशल मीडिया के नियम
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी AI कंटेंट और डीपफेक वीडियो-फोटो पर अब सरकार ने सख्ती दिखाई है। केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि 20 फरवरी से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने कंटेंट पर लेबल लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, डीपफेक वीडियो और फोटो को 3 घंटे के अंदर हटाना होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को क्या करना होगा?
नए नियमों के तहत X (ट्विटर), YouTube, Facebook, Instagram, Snapchat जैसे सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर शेयर होने वाला AI कंटेंट साफ-साफ पहचाना जा सके।
सरकार का कहना है कि अब किसी भी AI से बने वीडियो, फोटो या ऑडियो पर यह बताना जरूरी होगा कि वह AI द्वारा बनाया गया है, असली नहीं।
IT Rules 2021 में किया गया बदलाव
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IT Rules 2021 में बदलाव करते हुए यह आदेश जारी किया है।
- नए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे
- इसका ड्राफ्ट पहले 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था
इन नियमों का मकसद AI से बनने वाले भ्रामक और फर्जी कंटेंट पर रोक लगाना है।
AI कंटेंट पर लेबल कैसे लगेगा?
सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि AI कंटेंट पर लगाया जाने वाला लेबल स्पष्ट और आसानी से दिखने वाला होना चाहिए।
- वीडियो या फोटो में लेबल कम से कम 10% हिस्से में दिखना चाहिए
- ऑडियो कंटेंट में शुरुआत के पहले 10% समय में यह जानकारी देनी होगी
- AI कंटेंट में परमानेंट मेटाडेटा या यूनिक पहचान भी जोड़ी जाएगी
यह पहचान न तो हटाई जा सकेगी और न ही छिपाई जा सकेगी।
डीपफेक कंटेंट पर 3 घंटे की डेडलाइन
अगर किसी प्लेटफॉर्म पर डीपफेक वीडियो या फोटो सामने आती है, तो:
👉 उसे 3 घंटे के अंदर हटाना अनिवार्य होगा
सरकार का मानना है कि इससे किसी व्यक्ति की छवि खराब होने, अफवाह फैलने और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा।
नए नियमों में और क्या-क्या बदला?
1. AI लेबल हटाने पर रोक
सोशल मीडिया कंपनियां अब AI कंटेंट के लेबल या उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी को हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकतीं।
2. गलत और गैर-कानूनी कंटेंट पर सख्ती
प्लेटफॉर्म्स को ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल करना होगा, जो AI से बने:
- अश्लील
- धोखाधड़ी वाले
- गैर-कानूनी
कंटेंट को पहचान कर रोक सकें।
3. हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी
कंपनियों को अपने यूजर्स को हर 3 महीने में कम से कम एक बार यह चेतावनी देनी होगी कि:
- AI का गलत इस्तेमाल करने पर
- नियम तोड़ने पर
कानूनी कार्रवाई या जुर्माना हो सकता है।
सरकार ने क्या कहा?
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि ये नियम एक
“ओपन, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट” बनाने के लिए लाए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इससे:
- मिसइनफॉर्मेशन कम होगी
- फर्जी पहचान और धोखाधड़ी रुकेगी
- चुनावी गड़बड़ी जैसे मामलों पर नियंत्रण होगा
AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सरकार का यह कदम सोशल मीडिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब यूजर्स के लिए यह समझना आसान होगा कि कौन-सा कंटेंट असली है और कौन-सा AI से बनाया गया।

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