निशोथ, जिसे आयुर्वेद में त्रिवृत भी कहा जाता है, एक प्रसिद्ध औषधीय वनस्पति है। इसका वैज्ञानिक नाम Operculina turpethum है। आयुर्वेद में इसे मुख्यतः विरेचक (पाचन तंत्र को शुद्ध करने वाला) और दोषहर औषधि माना गया है।
डायबिटीज (मधुमेह) के संदर्भ में निशोथ का उपयोग शरीर से विषैले तत्वों (आम) को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को संतुलित करने के लिए किया जाता है।
हम आज यहां समझेंगे कि डायबिटीज के लिए निशोथ (त्रिवृत) किस प्रकार फायदेमंद हो सकता है, इसे कैसे उपयोग किया जाता है और किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
दोस्तों, आजकल डायबिटीज एक आम समस्या बन चुकी है। घर-घर में कोई न कोई शुगर की बीमारी से परेशान है। ऐसे में लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की तरफ भी रुख कर रहे हैं। इन्हीं में से एक औषधि है – निशोथ, जिसे आयुर्वेद में त्रिवृत कहा जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार मधुमेह केवल शुगर बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के दोषों के असंतुलन और पाचन शक्ति की कमजोरी से जुड़ा होता है। निशोथ एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो शरीर की शुद्धि और पाचन सुधार में मदद करती है।
आइए अब विस्तार से जानते हैं कि यह डायबिटीज में किस तरह सहायक हो सकती है।
निशोथ का वैज्ञानिक नाम Operculina turpethum है। आयुर्वेद में इसे कफ और पित्त को संतुलित करने वाली औषधि माना जाता है।
इसके मुख्य गुण:
- ✔️ पेट साफ करने वाला (मृदु रेचक)
- ✔️ शरीर से गंदगी बाहर निकालने वाला
- ✔️ कफ और मेद (चर्बी) कम करने में सहायक
- ✔️ पाचन शक्ति सुधारने में मददगार
पहले ये पढ़ें- निशोथ के फायदे, उपयोग और नुकसान
डायबिटीज में संभावित लाभ
- ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक – शरीर की चयापचय क्रिया (Metabolism) को संतुलित करता है।
- वजन कम करने में मददगार – मोटापा टाइप-2 डायबिटीज का बड़ा कारण है।
- पाचन सुधार – कब्ज और अपच को दूर करता है।
- डिटॉक्स प्रभाव – शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायक।
ध्यान दें: निशोथ डायबिटीज की मुख्य दवा का विकल्प नहीं है, बल्कि सहायक (Supportive) आयुर्वेदिक उपाय के रूप में उपयोग किया जाता है।
सेवन विधि (सामान्य मार्गदर्शन)
- चूर्ण रूप में – 1–3 ग्राम गुनगुने पानी के साथ (डॉक्टर की सलाह अनुसार)
- काढ़ा – अन्य औषधियों के साथ मिलाकर
- त्रिवृत लेह्य या योग – आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशन में
अधिक मात्रा में लेने से दस्त, कमजोरी या डिहाइड्रेशन हो सकता है।
सावधानियां
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बिना सलाह उपयोग नहीं करना चाहिए।
- पहले से ब्लड शुगर की दवा ले रहे मरीज डॉक्टर से सलाह लें।
- कमजोर पाचन या दस्त की समस्या वाले लोग सावधानी रखें।
निशोथ एक पुरानी आयुर्वेदिक और गांव में मिलने वाली जड़ी-बूटी है, जो शरीर की सफाई और पाचन सुधार में सहायक मानी जाती है। डायबिटीज में इसे देसी उपाय के रूप में अपनाया जा सकता है, लेकिन सही मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या निशोथ डायबिटीज में फायदेमंद है?
निशोथ (त्रिवृत) आयुर्वेद में शरीर की शुद्धि और पाचन सुधार के लिए उपयोग की जाती है। यह ब्लड शुगर कंट्रोल में सहायक हो सकती है, लेकिन यह डायबिटीज की मुख्य दवा का विकल्प नहीं है।
डायबिटीज के लिए निशोथ कैसे लें?
आमतौर पर 1–3 ग्राम निशोथ चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है। सही मात्रा के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या निशोथ से शुगर तुरंत कम होती है?
नहीं, यह कोई तुरंत असर दिखाने वाली दवा नहीं है। इसका काम शरीर की सफाई और पाचन सुधार करना है, जिससे लंबे समय में सहायक प्रभाव मिल सकता है।
क्या निशोथ का कोई साइड इफेक्ट है?
अधिक मात्रा में लेने से दस्त, कमजोरी या डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही लें।
क्या निशोथ गांव में आसानी से मिल जाती है?
हाँ, कई ग्रामीण क्षेत्रों में यह जड़ी-बूटी मिल सकती है। आयुर्वेदिक दवा दुकानों पर भी इसका चूर्ण उपलब्ध होता है।
क्या टाइप-2 डायबिटीज में निशोथ उपयोगी है?
आयुर्वेद के अनुसार कफ और मेद अधिकता वाली स्थिति (जो टाइप-2 डायबिटीज से जुड़ी होती है) में यह सहायक हो सकती है।

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