गर्मियों में Body Cool रखने के 10 आयुर्वेदिक उपाय, लू से बचने के आसान तरीके
गर्मी का मौसम आते ही शरीर में बेचैनी, अधिक पसीना, मुंह सूखना, सिर दर्द और लू लगने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह सब पित्त दोष बढ़ने के कारण होता है।
अगर समय रहते शरीर को ठंडा न रखा जाए तो डिहाइड्रेशन, त्वचा की जलन और कमजोरी हो सकती है। आइए जानते हैं आयुर्वेद के अनुसार शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा कैसे रखें।
1. ठंडी तासीर वाले आहार का सेवन करें
गर्मियों में ऐसे खाद्य पदार्थ लें जिनकी तासीर ठंडी हो:
- खीरा
- तरबूज
- खरबूजा
- नारियल पानी
- छाछ
- पुदीना
ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते और पित्त संतुलित रखते हैं।

2. बेल का शरबत पिएं
Bael (Aegle marmelos) का शरबत शरीर को तुरंत ठंडक देता है। यह लू से बचाने और पेट को ठंडा रखने में बेहद असरदार है।
बेल का शरबत गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाला एक पारंपरिक और आयुर्वेदिक पेय है। बेल फल की तासीर ठंडी मानी जाती है, जो लू, डिहाइड्रेशन और पेट की समस्याओं से बचाने में मदद करता है। इसमें प्राकृतिक फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं। बेल का गूदा पानी और थोड़ा सा गुड़ या शक्कर मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद मीठा और ताज़गीभरा हो जाता है। नियमित रूप से बेल का शरबत पीने से गर्मी में होने वाली एसिडिटी, कब्ज और थकान से राहत मिलती है, इसलिए इसे “समर सुपर ड्रिंक” भी कहा जाता है।

3. गुलकंद का सेवन करें
गुलकंद (Gulkand) शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है।
रोज रात को दूध के साथ 1 चम्मच गुलकंद लेने से शरीर में ठंडक बनी रहती है।
गुलकंद (Gulkand) शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने के लिए आयुर्वेद में बेहद लाभकारी माना जाता है। यह ताज़ी गुलाब की पंखुड़ियों और मिश्री से तैयार किया जाता है, जिसकी तासीर ठंडी होती है। नियमित रूप से गुलकंद का सेवन करने से शरीर में जमा पित्त दोष शांत होता है, जिससे मुंह के छाले, एसिडिटी, नाक से खून आना और अत्यधिक पसीना जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज से भी बचाता है। गर्मियों में दूध के साथ या सीधे एक-दो चम्मच गुलकंद लेने से शरीर को प्राकृतिक ठंडक मिलती है और थकान कम महसूस होती है।

4. शीतली प्राणायाम करें
शीतली और शीतकारी प्राणायाम शरीर का तापमान कम करने में मदद करते हैं।
रोज सुबह 5–10 मिनट करने से पित्त दोष संतुलित रहता है।
ये प्राणायाम एक शीतलता प्रदान करने वाला योगाभ्यास है जो जीभ को मोड़कर सांस लेने और नाक से छोड़ने की प्रक्रिया द्वारा शरीर और मन को शांत करता है।
शीतली प्राणायाम करने की विधि:
- सुखासन या किसी भी आरामदायक मुद्रा में बैठेंआंखें बंद करें और जीभ को बाहर निकालकर ‘ट्यूब’ (नलिका) की तरह रोल करें।
- जीभ से गहरी सांस (हिसिंग साउंड के साथ) अंदर भरेंजैसे कोई स्ट्रॉ से पानी पी रहा हो।
- मुंह बंद करें और धीरे-धीरे सांस नाक से बाहर छोड़ें।
- यह एक चक्र है। इसे 9-10 बार दोहराएं।
इस प्राणायाम करने से पहले और करते समय कुछ सावधानियां रखना जरूरी है जैसे –
- जिनका रक्तचाप कम रहता है उन्हें यह नहीं करना चाहिए।
- सर्दी जुकाम खांसी या गले में इन्फेक्शन होने पर इसका अभ्यास न करें।
- ठंडे मौसम या सर्दियों में इसका अभ्यास न करें।
- चक्कर आने पर तुरंत सामान्य सांस लेने लगें।
5. पर्याप्त पानी और हर्बल जल पिएं
जड़ी-बूटियों, फूलों, छालों, जड़ों या फलों को पानी में उबालकर, भिगोकर या वाष्प द्वारा अर्क निकालकर बनाया गये प्राकृतिक पेय को हर्बल जल कहते हैं।
साधारण पानी के अलावा:
- धनिया पानी
- सौंफ पानी
- पुदीना पानी
ये प्राकृतिक रूप से शरीर को ठंडा रखते हैं।

बेसन फेस पैक से पायें नेचुरल ग्लो
आपने बेसन से ढोकला, बेसन के लड्डू और बेसन का चीला जैसी कई तरह की स्वादिष्ट डिश तैयार किये होंगे। आपको यह भी पता होगा कि बेसन का उपयोग स्किन के लिए भी कर सकते हैं क्योंकि बेसन में कई तरह के नेचुरल चीजों को मिलाकर आप फेस पैक तैयार कर सकते हैं. बेसन का फेस पैक आपके चेहरे पर नेचुरल ग्लो लगाएगा।
बेसन पैक कैसे इस्तेमाल करें :
6. नारियल पानी का सेवन
गर्मियों में नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने और थकान दूर करने का बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है।
नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है।
यह डिहाइड्रेशन से बचाता है और शरीर को अंदर से ठंडा करता है।
7. मसालेदार और तला भोजन कम करें
गर्मियों में मसालेदार और तला-भुना भोजन कम करना सेहत के लिए बेहद जरूरी है। अधिक तेल और तीखे मसाले शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं, जिससे एसिडिटी, गैस, पसीना अधिक आना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी जगह हल्का, सादा और पानी से भरपूर भोजन जैसे दही, छाछ, सलाद, मौसमी फल और उबली सब्जियां लेना बेहतर रहता है।
इससे शरीर ठंडा रहता है, ऊर्जा बनी रहती है और लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है।
गर्मियों में हल्का और सादा भोजन करना बेहतर होता है।

8. चंदन का लेप लगाएं
चंदन का लेप त्वचा की जलन और गर्मी को कम करता है। यह ठंडक और ताजगी देता है।
चंदन का लेप गर्मियों में त्वचा को ठंडक और राहत देने का एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है। चंदन की तासीर ठंडी होती है, जो त्वचा की जलन, सनबर्न, पसीने से होने वाली खुजली और दाने जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। चेहरे या शरीर पर चंदन का लेप लगाने से त्वचा को तुरंत ठंडक मिलती है और अतिरिक्त गर्मी शांत होती है।
यह त्वचा को निखारने, दाग-धब्बे कम करने और पिंपल्स से राहत दिलाने में भी सहायक माना जाता है। नियमित रूप से चंदन का उपयोग करने से त्वचा ताज़ा, मुलायम और स्वस्थ बनी रहती है।

9. दोपहर में धूप से बचें
दोपहर के समय तेज धूप से बचना गर्मियों में स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सूर्य की किरणें सबसे अधिक तेज और हानिकारक होती हैं, जिससे लू लगने, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और त्वचा जलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस समय घर के अंदर रहना या छायादार स्थान पर रहना बेहतर होता है।
यदि बाहर जाना जरूरी हो तो हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनें, सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और पर्याप्त पानी पीते रहें। इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाव होता है। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप से बचें। जरूरी हो तो छाता या सिर ढककर निकलें।
10. पर्याप्त नींद लें
नींद की कमी से शरीर का तापमान बढ़ सकता है।
रोज 7–8 घंटे की नींद शरीर को संतुलित रखती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गर्मियों में सबसे ठंडी तासीर वाली चीज़ क्या है?
नारियल पानी, छाछ और बेल का शरबत सबसे प्रभावी माने जाते हैं।
क्या आयुर्वेद लू से बचा सकता है?
हाँ, सही आहार और जीवनशैली अपनाकर लू से बचा जा सकता है।

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