गौतम गंभीर ने उठाया बड़ा कानूनी कदम
हाल ही में टीम इंडिया को दो बड़े ICC खिताब दिलाने वाले हेड कोच गौतम गंभीर एक नई वजह से चर्चा में हैं। दरअसल, T20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में 2.5 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया है।
यह कदम उन्होंने अपनी इमेज राइट्स (छवि अधिकार) की सुरक्षा के लिए उठाया है।
आखिर मामला क्या है?
दरअसल, साल 2025 के अंत में सोशल मीडिया पर गौतम गंभीर के कई डीपफेक वीडियो तेजी से वायरल होने लगे।
- एक वीडियो में उन्हें टीम इंडिया के कोच पद से इस्तीफा देते हुए दिखाया गया
- वहीं, दूसरे वीडियो में उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर विवादित टिप्पणी करते हुए दर्शाया गया
इन वीडियो को लाखों-करोड़ों व्यूज मिले, जिससे गलत जानकारी तेजी से फैली।
16 लोगों और कंपनियों के खिलाफ केस
इसके अलावा, गंभीर ने कुल 16 प्रतिवादियों (defendants) के खिलाफ केस किया है। इनमें शामिल हैं:
- फर्जी वीडियो बनाने वाले लोग
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
- ई-कॉमर्स वेबसाइट्स
इतना ही नहीं, कुछ ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर बिना अनुमति के सामान बेचा जा रहा था।
“मेरी पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया”
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि:
“मेरी पहचान—मेरा नाम, चेहरा और आवाज—का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है। यह सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का मामला है।”
उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में हर सार्वजनिक व्यक्ति को अपनी पहचान की सुरक्षा का अधिकार है।
पहले भी कई सेलेब्रिटी उठा चुके हैं आवाज
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नाम ने ऐसा कदम उठाया हो। इससे पहले भी कई दिग्गज सेलेब्रिटी अपनी इमेज राइट्स की रक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
डिजिटल युग में बढ़ता खतरा
आज के समय में डीपफेक टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है।
- इससे फर्जी वीडियो बनाना आसान हो गया है
- लोगों की छवि को नुकसान पहुंच सकता है
- और गलत जानकारी तेजी से फैलती है
इसीलिए, गौतम गंभीर का यह कदम न केवल उनके लिए बल्कि सभी पब्लिक फिगर्स के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
अंततः, यह मामला दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में पहचान की सुरक्षा कितनी जरूरी हो गई है। गौतम गंभीर का यह कानूनी कदम भविष्य में ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता खोल सकता है।

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