दिल्ली

Israel Iran War: अली लारिजानी को लेकर बड़ा दावा, ईरान ने बताया प्रोपेगेंडा

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मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के वरिष्ठ नेता Ali Larijani को हवाई हमले में मार गिराया है। हालांकि, दूसरी ओर Iran ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे प्रोपेगेंडा बताया है। ऐसे में स्थिति को लेकर भ्रम और भी बढ़ गया है।

आखिर कौन हैं अली लारिजानी?

दरअसल, अली लारिजानी ईरान की राजनीति के बेहद प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे हैं। वे न केवल संसद के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, बल्कि लंबे समय तक देश की सुरक्षा नीतियों को भी दिशा देते रहे। इसके अलावा, वे ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के करीबी सलाहकार माने जाते थे।

अगर उनके शुरुआती जीवन की बात करें, तो उनका जन्म इराक के पवित्र शहर Najaf में हुआ था। बाद में वे ईरान आ गए, जहां उन्होंने दर्शनशास्त्र में पीएचडी की और धीरे-धीरे राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बना ली।

इजराइल का दावा क्या कहता है?

अब बात करते हैं इजराइल के दावे की। इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz के अनुसार, 16 मार्च की रात एक सटीक हवाई हमला किया गया। बताया जा रहा है कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था, जिसमें लारिजानी एक गुप्त ठिकाने पर मौजूद थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल का मानना है कि हाल ही में कई शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बाद, युद्ध से जुड़े बड़े फैसले लारिजानी ही ले रहे थे। इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।

दूसरी तरफ, ईरान की प्रतिक्रिया

हालांकि, ईरान ने इन सभी दावों को सिरे से नकार दिया है। तेहरान का कहना है कि यह खबर पूरी तरह झूठी है और इजराइल की तरफ से फैलाई गई है। साथ ही, ईरान ने संकेत दिया है कि जल्द ही एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी किया जाएगा, जिससे लारिजानी की स्थिति स्पष्ट हो सके।

ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया

ईरान की सेना ने आधिकारिक तौर पर खुफिया मंत्री की हत्या की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि उन्हें साल 2022 में United States द्वारा अमेरिकी हितों के खिलाफ कथित साइबर गतिविधियों के चलते प्रतिबंधित किया गया था।

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस घटना को “अन्यायपूर्ण हत्या” करार दिया है। साथ ही, ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला किया गया, तो वह कड़ा जवाब देगा।

हमले से पहले लिखा गया पत्र

दिलचस्प बात यह है कि इस कथित हमले से कुछ दिन पहले ही लारिजानी ने मुस्लिम देशों को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने इजराइल के खिलाफ एकजुट होने और आर्थिक दबाव बनाने की अपील की थी। ऐसे में, इजराइल इसे अपनी सुरक्षा के लिए संभावित खतरे के रूप में देख रहा था।

हताहतों के आंकड़े

इस जारी संघर्ष में अब तक भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।

  • ईरान में लगभग 1,300 लोगों की मौत
  • लेबनान में 900 से अधिक लोगों की जान गई
  • इजराइल में 14 लोगों की मौत

इसके अलावा, United States की सेना के अनुसार, इस संघर्ष की शुरुआत से अब तक उसके 13 सैनिक मारे गए हैं, जबकि करीब 200 घायल हुए हैं।

आगे क्या हो सकता है?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे क्या होगा। अगर लारिजानी की मौत की पुष्टि होती है, तो यह ईरान के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। वहीं, अगर यह दावा गलत साबित होता है, तो दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ने की संभावना है।

इसके अलावा, इस पूरे घटनाक्रम का असर वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है। खासकर तेल की कीमतों और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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