जशपुर जिले के स्कूली बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और आधुनिक पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कांसाबेल स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षा मिल सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इस परियोजना के लिए एसईसीएल (SECL) द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कुल 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास रूम के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को भी शहरों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पढ़ाई अधिक रोचक बनेगी।
साथ ही बच्चों की समझ, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच का विकास होगा। इससे विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि त्रिपक्षीय एमओयू के तहत इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। यह एमओयू विगत माह जिला प्रशासन, एसईसीएल और ईडूसीआईएल के बीच संपन्न हुआ था। इसके तहत चयनित शासकीय विद्यालयों में इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे।
इन पैनलों की मदद से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन और ई-लर्निंग सामग्री के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। इससे कक्षाएं अधिक सरल, संवादात्मक और प्रभावी बनेंगी। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जशपुर जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

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