लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी भरे कॉल, STF करेगी जांच
lawrence-bishnoi-gang: मध्य प्रदेश में अब अपराधियों का नया पैटर्न सामने आया है। राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद अब इंदौर, भोपाल, अशोक नगर और खरगोन में भी लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं।
इन कॉल्स के जरिए आरोपी खुद को गैंग का सदस्य या शूटर बताकर व्यापारियों और बड़े कारोबारियों से वसूली की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य में ऐसे कुल 6 मामले सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लिया है।
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किन जिलों में आए मामले?
अब तक सामने आए मामलों में सबसे ज्यादा घटनाएं इंदौर जिले में दर्ज हुई हैं। इसके अलावा भोपाल, खरगोन और अशोक नगर में भी इस तरह के कॉल सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार, इन कॉल्स में इंटरनेट कॉलिंग और फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आरोपियों को ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
STF को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी कैलाश मकवाना ने जांच की जिम्मेदारी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी है।
साथ ही एक 9 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी।
SIT में शामिल 9 अधिकारी
जांच के लिए बनाई गई टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं:
- राहुल लोधा – डीआईजी/एसपी, STF भोपाल
- राजेश सिंह भदौरिया – एएसपी, STF भोपाल
- नवीन चौकसे – एएसपी, STF इंदौर
- वेदांत चौकसे – एएसपी, क्राइम्स भोपाल
- सुनील कनोजिया – एएसआई (रेडियो) भोपाल
- सुमेर सिंह अवंशी – डीएसपी, STF
- दिया सिंह राजावत – डीएसपी, STF
- महेंद्र सिंह चौहान – कार्यवाहक डीएसपी, STF
- योगिता सावंतकर – कार्यवाहक डीएसपी, STF
डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
मध्य प्रदेश के डीजीपी ने लॉरेंस गैंग के नाम पर आ रहे धमकी भरे कॉल्स को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ऐसे सभी मामलों की केस डायरी तुरंत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को भेजी जाए, ताकि जांच में देरी न हो।
साथ ही यह भी तय किया गया है कि पूरे मामले की जांच STF मुख्यालय भोपाल से ही संचालित होगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में शामिल किया जाएगा, जिससे जांच और मजबूत हो सके।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मौजूदा जांच अधिकारी भी SIT का हिस्सा बने रहेंगे, ताकि केस की निरंतरता बनी रहे। इसके अलावा, किसी भी नए मामले की जानकारी तुरंत STF को देना अनिवार्य किया गया है, जिससे अपराधियों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
कैसे काम कर रहे हैं आरोपी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी:
- इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं
- खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बता रहे हैं
- व्यापारियों को डराकर पैसे मांग रहे हैं
- फर्जी पहचान और नंबर का उपयोग कर रहे हैं
यह तरीका पहले अन्य राज्यों में भी देखा जा चुका है, और अब मध्य प्रदेश में भी तेजी से फैल रहा है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी भरे कॉल का मामला तेजी से बढ़ रहा है। STF द्वारा SIT गठन और सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।
व्यापारियों और आम लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है।

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