LPG संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, मंगलवार को एक और बड़ा जहाज नंदा देवी गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को शिवालिक जहाज भारत पहुंच चुका था। खास बात यह है कि दोनों जहाज संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलकर आए हैं।
90 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा LPG पहुंची भारत
यदि कुल आपूर्ति की बात करें, तो दोनों जहाज मिलकर 90 हजार मीट्रिक टन से अधिक LPG लेकर भारत पहुंचे हैं। इसमें से नंदा देवी अकेले लगभग 47 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आई है। इसलिए, मौजूदा संकट के बीच यह आपूर्ति देश के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
इसके अलावा, रिपोर्ट्स के अनुसार इस LPG का एक हिस्सा, करीब 24 हजार मीट्रिक टन, जल्द ही तमिलनाडु भेजा जा सकता है, जिससे दक्षिण भारत में भी सप्लाई बेहतर होगी।
Hormuz-strait-crisis: भारत-ईरान बातचीत के बीच स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं
गुजरात के बंदरगाहों पर तेज़ी से हो रहा अनलोडिंग
जहाजों के आगमन के बाद गुजरात के बंदरगाहों—वाडिनार और मुंद्रा—पर प्राथमिकता के आधार पर अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे सप्लाई चेन को जल्दी सामान्य करने में मदद मिलेगी।
होर्मुज में अब भी फंसे हैं भारतीय जहाज
हालांकि राहत की खबरों के बीच चिंता की बात यह भी है कि अभी भी पश्चिमी फारस की खाड़ी में 600 से ज्यादा नाविकों के साथ कई भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
ईरान-भारत डील पर स्थिति स्पष्ट
दूसरी ओर, भारत और ईरान के बीच कथित समझौते की खबरों पर स्थिति साफ हो गई है। दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले तीन टैंकर छोड़ने की शर्त रखी है।
हालांकि, भारत सरकार और ईरान दोनों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। साथ ही, एस. जयशंकर ने भी स्पष्ट किया है कि कोई ऐसी डील नहीं हुई है और सभी प्रयास कूटनीतिक बातचीत के जरिए किए जा रहे हैं।
क्या था दावा?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अस्फाल्ट स्टार, अल जाफजिया और स्टेलर रूबी जैसे टैंकर छोड़ने की मांग की थी। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि यह जानकारी सही नहीं थी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, LPG संकट के बीच होर्मुज से जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना एक बड़ी राहत की खबर है। वहीं, सरकार कूटनीतिक प्रयासों के जरिए बाकी जहाजों को भी सुरक्षित निकालने में जुटी हुई है।

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