काशी पहुंचते ही माधुरी दीक्षित को देखने उमड़ी फैंस की भीड़
बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री माधुरी दीक्षित आज भी करोड़ों दिलों पर राज करती हैं। जब वह अपने पति डॉ. श्रीराम नेने के साथ काशी पहुंचीं तो एयरपोर्ट से लेकर घाटों तक फैंस की उत्सुकता साफ देखने को मिली। बाबतपुर एयरपोर्ट पर कई लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित नजर आए।
काशी पहुंचने के बाद माधुरी ने सबसे पहले सिगरा स्थित एक ज्वेलरी शोरूम का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इस आध्यात्मिक नगरी के प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया।
काशी विश्वनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक, बोलीं – मन को मिल रही शांति
शुक्रवार सुबह माधुरी दीक्षित और उनके पति ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में ही रुद्राभिषेक किया और “ऊं नमः शिवाय” का जप भी किया।
माधुरी ने कहा कि नवरात्रि की नवमी के दिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना उनके लिए बेहद शुभ अनुभव है। उन्होंने बताया कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति का अनुभव हो रहा है।
मंदिर प्रशासन ने उनका स्वागत रुद्राक्ष की माला और अंग वस्त्र देकर किया। जब वह मंदिर से बाहर निकलीं तो श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों से उनका स्वागत किया, जिसका माधुरी ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की भव्यता देखकर हुईं प्रभावित
माधुरी दीक्षित ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की खूबसूरती की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर बहुत ही भव्य और सुंदर बना है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल रही है।
उन्होंने काशी को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बताया और कहा कि यहां की ऊर्जा बेहद खास है।
गंगा आरती, क्रूज राइड और कुल्हड़ वाली चाय का भी लिया आनंद
अपनी काशी यात्रा के दौरान माधुरी ने सिर्फ मंदिर दर्शन ही नहीं किए बल्कि शहर की संस्कृति को भी करीब से महसूस किया।
उन्होंने:
- नमो घाट से क्रूज राइड का आनंद लिया
- दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा आरती देखी
- गंगा में दीपदान किया
- क्रूज पर कुल्हड़ वाली चाय का स्वाद लिया
जब वह क्रूज से घाटों का नजारा देख रही थीं तो कई पर्यटक उन्हें देखकर हैरान रह गए।
तेजाब से मिली पहचान, आज भी फैंस के दिलों की रानी हैं माधुरी
माधुरी दीक्षित ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म अबोध से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 1988 की सुपरहिट फिल्म तेजाब से मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने राम लखन, परिंदा, त्रिदेव, किशन कन्हैया और प्रहार जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया और खुद को 90 के दशक की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल किया।
आज भी नई पीढ़ी की कई अभिनेत्रियां उन्हें अपना रोल मॉडल मानती हैं।
क्यों खास है माधुरी दीक्षित की यह काशी यात्रा?
माधुरी की यह यात्रा सिर्फ एक विजिट नहीं बल्कि उनके आध्यात्मिक जुड़ाव को भी दिखाती है। फैंस के लिए यह देखना खास था कि इतनी बड़ी स्टार होने के बावजूद वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से इतनी जुड़ी हुई हैं।
शायद यही कारण है कि दशकों बाद भी माधुरी दीक्षित का जादू कम नहीं हुआ है।

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