दिल्ली मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का पावर हब बन चुका है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

renewable-energy-MPinfo-news

दावोस में नजर आया मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की गति का सकारात्मक प्रभाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh has become the power hub of the country in the field of renewable energy : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में भारत का सबसे बड़ा दल पहुंचा है। आज भारत सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द चौथी सबसे सशक्त आर्थिक ताकत से एक से डेढ़ वर्ष में विश्व में तीसरा स्थान हासिल कर लेगा। बदलाव के इस दौर में मध्यप्रदेश में सोलर एनर्जी, आईटी, टूरिज्म सहित सभी सेक्टर्स में विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का पावर हब बन चुका है। प्रदेश में पंप स्टोरेज, सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। ओंकारेश्वर में बांध के पानी पर सोलर प्लेट बिछाकर बिजली उत्पादन किया जा रहा है। राज्य में 32 लाख किसानों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पंप बांटे जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि देश में नवकरणीय ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। प्रदेश के इस मॉडल को समझने और अध्ययन करने के लिए लोग काफी उत्साहित हैं।

दावोस इकोनॉमिक फोरम में मालदीव के मंत्री और अर्थशास्त्री डॉ. मोहम्मद सईद के साथ अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई। उद्योग क्षेत्र में साझोदारी के लिए डॉ. सईद ने बताया कि उनके देश में टूरिज्म के अलावा मत्स्य पालन, आईटी, हेल्थ जैसे अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति ने पूर्व में काफी ठोस निर्णय लिए हैं। मध्यप्रदेश सरकार मालदीव के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी समय में वे स्वयं मालदीव की यात्रा करेंगे और वहां विकास के लिए परस्पर साझेदारी की संभावनाओं को तलाशेंगे। मालदीव भी भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने में रुचि रखता है। मालदीव के स्थानीय लोगों और वहां रहने वाले भारतवंशियों के परस्पर बेहतर सांस्कृतिक संबंध हैं।

मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला सबसे युवा राज्य

मध्यप्रदेश में एग्रीकल्चर पॉल्ट्री के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं हैं। भविष्य में इस दिशा में भी अन्य राज्यों के साथ व्यापार को आगे बढ़ाएंगे। मध्यप्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक है, पर्याप्त बिजली है। ट्रांसपोर्टेशन के मामले में भी हमारा राज्य, भारत के मध्य में स्थित होने के कारण अनुकूल है। अब कई क्षेत्रों के निवेशक मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं। उद्योग एवं व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना है। देश के 3 प्रमुख राज्यों ने औद्योगिक गति को बढ़ाया है, उनमें मध्यप्रदेश सबसे युवा राज्य है। बीते 2 वर्ष में राज्य सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में बेरोजगारी दर एक प्रतिशत के आसपास आ गई है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हो रहे प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू

MoU Signed between Madhya Pradesh and DP World : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए

एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News