मध्य प्रदेश

मोहन यादव: जीवन परिचय, शिक्षा, राजनीतिक सफर और नेतृत्व की कहानी

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मोहन यादव कौन हैं?

Mohan Yadav एक भारतीय राजनेता हैं और दिसंबर 2023 से मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं और उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। मंदिर नगरी उज्जैन से आने वाले मोहन यादव को प्रदेश में एक प्रमुख OBC (Other Backward Class) नेता के रूप में देखा जाता है।

संक्षिप्त प्रोफ़ाइल (Key Facts)

  • पूरा नाम: मोहन पूनमचंद यादव
  • जन्म: 25 मार्च 1965, उज्जैन, मध्य प्रदेश
  • राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
  • विधानसभा क्षेत्र: उज्जैन दक्षिण
  • मुख्यमंत्री पदभार: 13 दिसंबर 2023
  • शिक्षा: BSc, LLB, MA, MBA, PhD (विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन)

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

मोहन यादव का जन्म उज्जैन में पूनमचंद यादव के घर हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में वे अत्यंत बहुआयामी रहे हैं। उन्होंने विज्ञान, कानून, प्रबंधन और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त की और अंततः विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से PhD की उपाधि हासिल की।
छात्र जीवन में ही उनका झुकाव सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की ओर हो गया था। माधव साइंस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वे 1982 में छात्र संघ के संयुक्त सचिव और 1984 में अध्यक्ष बने। यहीं से उनका सार्वजनिक जीवन आकार लेने लगा।

छात्र नेता (Student Politics)

  • राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से
  • माधव साइंस कॉलेज, उज्जैन में
    • 1982: छात्र संघ संयुक्त सचिव
    • 1984: छात्र संघ अध्यक्ष

RSS–BJP से संगठनात्मक जुड़ाव

  • लंबे समय तक RSS और BJP संगठन में सक्रिय
  • ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले, Grassroot Leader की छवि

राजनीतिक सफ़र

मोहन यादव ने राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की और वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं।

  • 2011–2013: मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष
  • 2013: पहली बार उज्जैन दक्षिण से विधायक निर्वाचित
  • 2018 और 2023: लगातार दो बार पुनः विधायक चुने गए
  • शिवराज सिंह चौहान सरकार: उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका

उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने अकादमिक और सांस्कृतिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया।

विधायक (MLA)

  • 2013: पहली बार उज्जैन दक्षिण से विधायक
  • 2018 और 2023: लगातार दो बार पुनः निर्वाचित
  • मालवा क्षेत्र में मजबूत जनाधार

राज्य मंत्री – उच्च शिक्षा

  • शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री
  • प्रमुख पहल:
    • नई शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन
    • रामचरितमानस को वैकल्पिक विषय के रूप में बढ़ावा
    • भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा पर ज़ोर

निगम अध्यक्ष

  • 2011–2013: मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष
  • धार्मिक पर्यटन (खासकर उज्जैन) को बढ़ावा देने पर काम

मुख्यमंत्री बनने की कहानी

दिसंबर 2023 में BJP विधायक दल की बैठक के बाद मोहन यादव को अप्रत्याशित रूप से मुख्यमंत्री चुना गया, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हुई। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का स्थान लिया।
उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
वे उज्जैन से पहले मुख्यमंत्री हैं और पिछले दो दशकों में चौथे OBC मुख्यमंत्री बने, जो BJP की सामाजिक प्रतिनिधित्व की रणनीति को दर्शाता है।

यानी वे अचानक नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद मुख्यमंत्री बने।

नीतियाँ, विचारधारा और विज़न

उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में मोहन यादव ने:

  • रामचरितमानस को विश्वविद्यालयों में वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने की पहल
  • शिक्षा में भारतीय संस्कृति और भाषा आधारित सुधार
  • शैक्षणिक पदों और उपाधियों में भाषाई बदलाव का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री के रूप में उनका नेतृत्व OBC सशक्तिकरण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद (Hindutva) और विकास व प्रशासनिक अनुशासन के संतुलन पर केंद्रित माना जा रहा है।

मोहन यादव के अब तक के विशेष कार्य, प्रमुख नीतियाँ और पारिवारिक–सांस्कृतिक जुड़ाव

Mohan Yadav ने मुख्यमंत्री बनने के बाद कम समय में ही प्रशासन, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इससे पहले वे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में भी सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभा चुके हैं। नीचे उनके अब तक के विशेष कार्य, नीतियाँ और पारिवारिक–सांस्कृतिक पक्ष को सरल भाषा में समझाया गया है।

मुख्यमंत्री के रूप में प्रमुख विशेष कार्य (अब तक)

🔹 प्रशासनिक सक्रियता

  • मुख्यमंत्री बनते ही कलेक्टर–SP और विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें शुरू कीं।
  • लॉ एंड ऑर्डर, महिला सुरक्षा और जनसुनवाई को प्राथमिकता दी।

🔹 धार्मिक–सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा

  • उज्जैन के महाकाल लोक और धार्मिक पर्यटन को और मजबूत करने पर ज़ोर।
  • सरकारी कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक को प्रोत्साहन।

🔹 OBC और सामाजिक संतुलन

  • OBC वर्ग से आने वाले मुख्यमंत्री के रूप में सामाजिक प्रतिनिधित्व को नई धार दी।
  • सरकार में सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय भागीदारी पर ध्यान।

उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए महत्वपूर्ण नीतियाँ

मुख्यमंत्री बनने से पहले मोहन यादव ने उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कुछ चर्चित और प्रभावी फैसले लिए:

शिक्षा में सांस्कृतिक सुधार

  • रामचरितमानस को विश्वविद्यालयों में Optional Subject के रूप में शामिल करने की पहल।
  • भारतीय दर्शन, संस्कृति और इतिहास आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा।

शैक्षणिक ढांचे में बदलाव

  • कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नामकरण और उपाधियों में भाषाई/भारतीय संदर्भ का प्रस्ताव।
  • नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत Skill-based Education पर फोकस।

विकास और नीति दृष्टिकोण (Vision)

मोहन यादव की नीतियों का मूल आधार तीन स्तंभों पर टिका माना जाता है:

  • संस्कृति + शिक्षा + प्रशासन
  • धार्मिक पर्यटन से रोज़गार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
  • युवाओं के लिए शिक्षा को रोज़गार-उन्मुख (Employment Oriented) बनाना

उनका दृष्टिकोण BJP की Hindutva + Governance + Social Engineering लाइन से मेल खाता है।

सांस्कृतिक उत्सवों से जुड़ाव

  • महाशिवरात्रि, श्रावण मास, और महाकाल दर्शन जैसे धार्मिक अवसरों पर वे नियमित रूप से उज्जैन में देखे जाते हैं।
  • कई बार परिवार के साथ मंदिर दर्शन और पारंपरिक पूजन करते हुए उनकी तस्वीरें सामने आती हैं।
  • ये अवसर उनके संस्कृति-आधारित नेतृत्व की छवि को और मजबूत करते हैं।

मोहन यादव के लिए पारिवारिक उत्सव केवल निजी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हुए हैं।

जनता के बीच छवि

  • सादा जीवन, स्पष्ट विचार
  • ज़मीनी नेता (Grassroot Leader)
  • छात्र राजनीति से निकला हुआ चेहरा
  • उज्जैन और मालवा क्षेत्र में मजबूत पकड़

निष्कर्ष

मोहन यादव का राजनीतिक सफ़र छात्र राजनीति से लेकर मुख्यमंत्री पद तक का है, जिसमें शिक्षा, संगठन और विचारधारा का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। उज्जैन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र से आने वाले नेता के रूप में उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे मध्य प्रदेश की राजनीति में नया संतुलन और नई दिशा देंगे।

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