मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने घोषणा की है कि प्रदेशभर में Dr. Bhimrao Ambedkar की जयंती 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक मनाई जाएगी। इस दौरान सभी जिला मुख्यालयों और विकासखंड स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम Bhind में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधन में प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करें और आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करें, ताकि सभी कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें।
डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर

Dr. Bhimrao Ramji Ambedkar (1891–1956) भारत के महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनेता और समाज सुधारक थे। वे उस समय की सामाजिक व्यवस्था में “अस्पृश्य” मानी जाने वाली जाति से उठकर भारत के संविधान के मुख्य शिल्पकार बने। उन्हें स्नेहपूर्वक बाबासाहेब के नाम से जाना जाता है। आधुनिक भारत में वे समानता, शिक्षा और मानव अधिकारों के प्रतीक माने जाते हैं।
सामाजिक समरसता कार्यक्रम 2027 तक जारी रहेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि Sant Ravidas जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक प्रदेशभर में सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की योजना जिला स्तर पर तैयार की जाएगी और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रदेश को मिली सड़कों की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा मध्यप्रदेश को कई नए फोरलेन मार्गों की स्वीकृति दी गई है। इनमें एनएच-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में लगभग 758 करोड़ रुपये की लागत से 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर का निर्माण शामिल है।
इसके अलावा Jhansi और Niwari को जोड़ने वाले दक्षिणी बाइपास सहित कई अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari का भी आभार जताया।
उज्जैन सम्मेलन में भारतीय काल गणना पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि Ujjain में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम” में खगोल वैज्ञानिकों ने भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन परंपराओं पर विस्तार से चर्चा की।
वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन
31 मार्च को Varanasi में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में एक जिला-एक उत्पाद (ODOP), जीआई टैग उत्पादों और निर्यात योग्य वस्तुओं को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। इस सम्मेलन का उद्देश्य दोनों राज्यों के उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को मजबूत करना था।
इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लिया।
9 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले यानी 9 अप्रैल से शुरू की जा रही है। शुरुआत में लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। इसके लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवश्यक बारदाने भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में गेहूं खरीदी व्यवस्था की नियमित निगरानी करें और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें।

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