लाइफ बॉक्स से 6 घंटे सेफ रहेंगे ऑर्गन, जेब में रख सकेंगे पेन ड्राइव जैसा हीमोग्लोबिन मॉनिटर
भारत में हेल्थ टेक्नोलॉजी लगातार नए आयाम छू रही है। जब डिजाइनिंग और इनोवेशन का मेल होता है, तब ऐसे समाधान सामने आते हैं जो जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) के युवा डिजाइनर्स ने ऐसे ही दो इनोवेटिव प्रोडक्ट्स तैयार किए हैं, जो हेल्थ सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
NID के स्टूडेंट्स बना रहे हैं हेल्थ सेक्टर के लिए भविष्य की टेक्नोलॉजी
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) केवल थ्योरी या पेपर डिजाइनिंग तक सीमित नहीं है। यहां के छात्र वास्तविक समस्याओं पर काम करते हुए ऐसे प्रोडक्ट्स डिजाइन कर रहे हैं, जो मेडिकल इंडस्ट्री में बड़े बदलाव ला सकते हैं।
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों ने हेल्थकेयर से जुड़ी चुनौतियों को समझकर ऐसे डिवाइस विकसित किए हैं, जो मरीजों और डॉक्टरों दोनों के लिए उपयोगी हैं।
लाइफ बॉक्स से 6 घंटे तक सुरक्षित रहेंगे ट्रांसप्लांट ऑर्गन
एनआईडी के छात्र अभिनव को आईआईटी खड़गपुर में इंटर्नशिप का अवसर मिला, जहां उन्होंने लाइफ बॉक्स नाम का एक विशेष डिवाइस डिजाइन किया।
NID Ahmedabad के छात्रों द्वारा विकसित ‘लाइफ बॉक्स’ अंग प्रत्यारोपण (organ transplant) के दौरान अंगों को 6 घंटे तक सुरक्षित रख सकता है, जो अंग परिवहन (organ transport) में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इसके साथ ही, पेन ड्राइव के आकार का हीमोग्लोबिन मॉनिटर भी विकसित किया गया है, जिसे आसानी से जेब में रखकर हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच की जा सकती है।
इस प्रोजेक्ट में प्रो. बी. गुरुमूर्ति, प्रो. एच. चौधरी, डॉ. मनीष अरोड़ा और डॉ. कुमार बालकृष्ण का अहम मार्गदर्शन रहा।
लाइफ बॉक्स (Organ Transport Box): यह विशेष रूप से अंगों को परिवहन के दौरान खराब होने से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह 6 घंटे तक अंगों की जीवन क्षमता (viability) बनाए रख सकता है।
पोर्टेबल हीमोग्लोबिन मॉनिटर (Portable Hemoglobin Monitor): यह पेन ड्राइव के आकार का डिवाइस है, जो बिना खून निकाले या पिन चुभाए, केवल हीमोग्लोबिन के स्तर को मापने में मदद कर सकता है।
तकनीक का उद्देश्य: दोनों ही उत्पाद NID (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन) के छात्रों द्वारा स्वास्थ्य सेवा को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए विकसित किए गए हैं।
पेन ड्राइव जितना छोटा चलता-फिरता हीमोग्लोबिन मॉनिटर
इंडस्ट्रियल डिजाइन की स्टूडेंट अनुष्का दीक्षित ने हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक बेहद उपयोगी हीमोग्लोबिन मॉनिटर डिजाइन किया है।
यह डिवाइस पारंपरिक भारी मशीनों की जगह मोबाइल स्कैनिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है और आकार में इतना छोटा है कि इसे पेन ड्राइव की तरह जेब में रखा जा सकता है।
मोबाइल ऐप से कनेक्ट होने वाला यह डिवाइस चलते-फिरते हीमोग्लोबिन की जांच करने में सक्षम है। हाल ही में इसे ICMR (Indian Council of Medical Research) से भी मंजूरी मिल चुकी है।
हेल्थ इंडस्ट्री के लिए क्यों अहम हैं ये इनोवेशन?
- ऑर्गन ट्रांसप्लांट में समय की बड़ी समस्या का समाधान
- छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में सस्ती हेल्थ जांच संभव
- मरीजों और डॉक्टरों दोनों के लिए सुविधाजनक टेक्नोलॉजी
- भारत में मेड-टेक इनोवेशन को बढ़ावा
मध्य प्रदेश राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी एमपी) क्या है?
मध्य प्रदेश राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी एमपी) भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अंतर्गत एक “राष्ट्रीय महत्व का संस्थान” है। भोपाल के अचारपुरा में पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में स्थित इस संस्थान का 29.49 एकड़ का हरा-भरा आवासीय परिसर है, जहां प्रौद्योगिकी और नवाचार के उचित उपयोग से अत्याधुनिक वातावरण निर्मित किया गया है।
एनआईडी के छात्रों ने भविष्य के लिए तैयार डिजाइनों का प्रदर्शन किया
अहमदाबाद के पालडी स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों द्वारा तैयार किए गए नवोन्मेषी स्नातक परियोजनाओं की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई। छात्रों ने औद्योगिक, संचार और वस्त्र विषयों में 100 से अधिक अभूतपूर्व परियोजनाएं प्रस्तुत कीं।

एन डेटाबेस का उद्देश्य
एन डेटाबेस का उद्देश्य विश्व वैज्ञानिक डिजाइन शिक्षा प्रदान करना और डिजाइन के प्रति जागरूकता और उसके सिद्धांतों को बढ़ावा देना है, ताकि जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा दिया जा सके:
- भारत की विभिन्न डिज़ाइन आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता के लिए उत्कृष्ट डिज़ाइन आवश्यकताओं का निर्माण करने के लिए शिक्षा प्रदान करना। राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आर्थिक और व्यावसायिक परिवेश में हो रहे कलाकारों पर ध्यान दिया जा रहा है, 21वीं सदी के डिजाइन शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में अन्य डिजाइन और डिजाइन-संबद्ध साज-सज्जा और शोधार्थियों के लिए डिजाइन शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में काम किया जा रहा है।
- स्थिर और नई तकनीक तंत्रों के माध्यम से गुणवत्ता पूर्ण डिजाइन शेयरधारकों और प्रशिक्षु समूहों की संख्या में विस्तार सुनिश्चित करना।
- पारंपरिक और आधुनिक पुस्तकालय से संबंधित भंडार, बस्तर, डिजाइन और उत्पादन भंडार के बारे में डिजाइन, अनुभव और जानकारी का भंडार।
- स्थापत्य के उपयोग में आने वाले इंजीनियरों और आदिवासियों के डिजाइन पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- डिज़ाइन के क्षेत्र में, विशेष रूप से उपयोगकर्ता की समझ और रुझान से संबंधित क्षेत्र में, मूल बातें और अनुप्रयुक्त अनुसंधान करना।
- डिजाइन शिक्षा और अभ्यास के मानकों के मानकीकरण और ‘वैदिक स्तर पर वैज्ञानिक और स्थानीय स्तर पर करने’ को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय आवश्यकता के प्रमुख क्षेत्रों में डिजाइनरों को नियुक्त करने में सहायता करना।
- छात्रों को प्रैक्टिस के अवसर प्रदान करने के लिए संस्थान के साथ-साथ राजस्व का स्रोत प्रदान करना, डिवेलप्ड डिज़ाइन कंसल्टेंसी और व्यक्तिगत डिज़ाइन समाधान प्रदान करना।
- डिजाइन को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एक निर्मित शक्ति के रूप में उपयोग करने के दृष्टिकोण से डिजाइन किए गए सैद्धांतिक सुझाव देना, ताकि अच्छी तरह से डिजाइन किए गए आर्किटेक्चर, सेवाएं, प्रशिक्षु, आदि के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता को विकसित किया जा सके।
- प्रौद्योगिकी को मानवीय रूप देना और बेहतर जानकारी देना और निजीकरण के माध्यम से भौतिक, आभासी और डिजिटल दुनिया को विकसित करना।
निष्कर्ष (Conclusion)
एनआईडी के युवा डिजाइनर्स द्वारा तैयार किए गए ये इनोवेटिव प्रोडक्ट्स यह साबित करते हैं कि सही दिशा में की गई डिजाइनिंग और टेक्नोलॉजी जिंदगियां बचा सकती है।
लाइफ बॉक्स और पोर्टेबल हीमोग्लोबिन मॉनिटर जैसे समाधान आने वाले समय में भारत की हेल्थ इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकते हैं।

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