“मुझे लगा गलती मेरी ही है…”
पीरियड्स कभी समय पर नहीं आते थे।
वजन अचानक बढ़ने लगा था।
चेहरे पर मुंहासे और अनचाहे बाल दिखने लगे थे।
लोग कहते थे — “थोड़ा ध्यान रखो खुद पर…”
लेकिन सच्चाई ये थी कि समस्या मेरी लापरवाही नहीं थी।
मुझे PCOS था।
अगर आप भी ये पढ़ते हुए सोच रही हैं — “ये तो मेरी ही कहानी है…”
तो ये लेख आपके लिए है
PCOS क्या है? लक्षण और कारण
PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) एक हार्मोनल समस्या है जो महिलाओं की ओवरी (अंडाशय) को प्रभावित करती है।
इस स्थिति में:
- शरीर में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) बढ़ जाते हैं
- ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते हैं
- पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं
यह केवल पीरियड्स की समस्या नहीं है — यह मेटाबॉलिज्म, वजन, त्वचा, बाल और प्रेग्नेंसी तक को प्रभावित कर सकता है।
PCOS के मुख्य लक्षण
हर महिला में लक्षण अलग हो सकते हैं, लेकिन आम संकेत ये हैं:
✔ अनियमित या मिस्ड पीरियड्स
✔ अचानक वजन बढ़ना
✔ चेहरे या ठुड्डी पर अनचाहे बाल
✔ बालों का झड़ना
✔ मुंहासे
✔ मूड स्विंग
✔ गर्भधारण में कठिनाई
अगर इनमे से 2–3 लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
PCOS में प्रेग्नेंसी के दौरान तनाव को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है। गर्भावस्था के समय खुद को तनाव मुक्त कैसे रखें, इसकी पूरी जानकारी के लिए हमारा विस्तृत लेख पढ़ें।
गर्भावस्था के दौरान खुद को तनाव मुक्त कैसे रखूं

“माँ बनना एक अनमोल अनुभव है। यह आपको ताकत और नई सोच देता है। मैं इस सफर का हर पल आनंद ले रही हूँ।” : करीना कपूर खान
PCOS के कारण क्या हैं?
PCOS का एक ही कारण नहीं है, बल्कि कई फैक्टर मिलकर इसे बढ़ाते हैं:
हार्मोनल असंतुलन :
एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ना। कई बार महिलाएं सोचती हैं —
“मैं इतना ध्यान रखती हूं फिर भी शरीर साथ क्यों नहीं दे रहा?”
असल में, PCOS में समस्या बाहर से नहीं, अंदर से शुरू होती है — हार्मोन के असंतुलन से।
PCOS में शरीर के कुछ प्रमुख हार्मोन प्रभावित होते हैं:
सामान्य रूप से महिलाओं के शरीर में भी थोड़ी मात्रा में एंड्रोजन होता है।
लेकिन PCOS में यह स्तर बढ़ जाता है।
परिणामस्वरूप:
- चेहरे और ठुड्डी पर अनचाहे बाल
- मुंहासे
- बालों का पतला होना
यही कारण है कि कई महिलाएं आत्मविश्वास खोने लगती हैं — जबकि गलती उनकी नहीं होती।
इंसुलिन रेजिस्टेंस
शरीर इंसुलिन को सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे वजन बढ़ता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।
PCOS में अक्सर शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता।
इसके कारण:
- वजन तेजी से बढ़ता है
- पेट के आसपास चर्बी जमा होती है
- डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है
यही वजह है कि PCOS में डाइट और एक्सरसाइज पर इतना जोर दिया जाता है।
LH और FSH हार्मोन में असंतुलन : ये दोनों हार्मोन ओवुलेशन को नियंत्रित करते हैं।
PCOS में इनका संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे अंडाशय से अंडा सही समय पर रिलीज नहीं होता।
आनुवंशिक कारण : परिवार में किसी को PCOS है तो संभावना बढ़ जाती है।
खराब लाइफस्टाइल : कम नींद, जंक फूड, तनाव।
क्या हार्मोन संतुलित किए जा सकते हैं?
हाँ, सही जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह से हार्मोन को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है।
सबसे जरूरी बात — समस्या को पहचानना और उसे नजरअंदाज न करना।

PCOS में क्या खाएं? (डाइट प्लान)
सही डाइट PCOS कंट्रोल करने की सबसे बड़ी कुंजी है। जब मुझे पहली बार पता चला कि PCOS केवल हार्मोन की समस्या नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल से भी जुड़ा है — तब समझ आया कि खाना ही दवा बन सकता है।
और सच कहें तो, सही आहार अपनाना सबसे पहला और सबसे आसान कदम है।
क्या खाएं:
सबसे पहले, अपने खाने की थाली पर ध्यान दीजिए।
पौधों पर आधारित आहार — जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और मेवे — शरीर को वो पोषण देते हैं जिसकी PCOS में खास जरूरत होती है।
✔ हाई प्रोटीन (अंडा, पनीर, दाल)
✔ हरी सब्जियां
✔ लो-कार्ब फूड
✔ साबुत अनाज
✔ मेवे और बीज
✔ कम GI वाले फल
इसके अलावा, फाइबर से भरपूर भोजन चबाने में अधिक समय लेता है।
इसका फायदा यह है कि आपको जल्दी तृप्ति का एहसास होता है और ओवरईटिंग कम होती है।
परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट की जगह साबुत अनाज चुनें
दूसरी ओर, मैदा और रिफाइंड कार्ब्स शरीर में शुगर स्पाइक बढ़ा सकते हैं, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है — जो PCOS की मुख्य समस्या है।
इसलिए, बेहतर होगा कि आप:
- सफेद ब्रेड की जगह मल्टीग्रेन या आटे की रोटी चुनें
- सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस लें
- प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह दालें और अनाज शामिल करें
साबुत अनाज कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं और इनमें फाइबर भरपूर होता है। यही फाइबर शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को सोखकर बाहर निकालने में मदद करता है।
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 25–35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है — और यह मात्रा फल, सब्जियों और साबुत अनाज से आसानी से पूरी की जा सकती है।
क्या न खाएं:
✖ मीठी चीजें
✖ कोल्ड ड्रिंक
✖ मैदा
✖ तला हुआ खाना
✖ ज्यादा प्रोसेस्ड फूड
PCOS में सबसे बड़ा बदलाव दवाइयों से पहले आपकी थाली से शुरू होता है।
छोटे-छोटे संतुलित बदलाव ही लंबे समय में बड़े परिणाम लाते हैं।
आप अकेली नहीं हैं।
और सही जानकारी के साथ — यह सफर आसान हो सकता है।
PCOS में फायदेमंद हर्बल चाय
PCOS में कुछ हर्बल चाय हार्मोन संतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने में सहायक मानी जाती हैं। स्पीयरमिंट चाय एंड्रोजन लेवल कम करने में मदद कर सकती है, जबकि दालचीनी और अदरक मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। तुलसी और रास्पबेरी लीफ चाय तनाव कम करने और पीरियड्स नियमित करने में उपयोगी मानी जाती है।
हालांकि, किसी भी हर्बल उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

PCOS में एक्सरसाइज कैसे करें?
रोज 30–40 मिनट एक्टिव रहना बहुत जरूरी है।
✔ बेस्ट एक्सरसाइज:
- ब्रिस्क वॉक
- साइकलिंग
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
- HIIT (हल्का)
वजन कम होने से हार्मोन बैलेंस होने लगते हैं।
PCOS के लिए योग
योग तनाव कम करता है और हार्मोन संतुलित करता है।
करने योग्य योगासन:
- भुजंगासन
- मालासन
- सेतु बंधासन
- प्राणायाम
- अनुलोम-विलोम
रोज 15–20 मिनट भी काफी असर दिखा सकता है।
आयुर्वेद PCOS के बारे में क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार PCOS शरीर में दोषों के असंतुलन (विशेषकर कफ और वात) के कारण होता है।
आयुर्वेदिक सुझाव:
✔ मेथी का पानी
✔ दालचीनी
✔ अश्वगंधा (डॉक्टर से सलाह के बाद)
✔ त्रिफला
⚠️ कोई भी आयुर्वेदिक दवा बिना विशेषज्ञ की सलाह के न लें।
क्या PCOS पूरी तरह ठीक हो सकता है?
PCOS का स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है।
सही डाइट + एक्सरसाइज + मेडिकल सलाह = बेहतर जीवन।
हजारों महिलाएं PCOS के बावजूद स्वस्थ जीवन जी रही हैं और मां भी बन रही हैं।
याद रखिए…
PCOS आपकी गलती नहीं है।
यह आपकी कमजोरी नहीं है।
यह सिर्फ एक मेडिकल स्थिति है — जिसे समझकर संभाला जा सकता है।
अगर आप चुपचाप इस दर्द से गुजर रही हैं…
तो आज पहला कदम उठाइए।
अपनी सेहत को प्राथमिकता दीजिए ❤️
PCOS से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. PCOS क्या है और क्यों होता है?
PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) एक हार्मोनल समस्या है जिसमें महिलाओं के शरीर में एंड्रोजन हार्मोन बढ़ जाते हैं। इसकी वजह से ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन सकते हैं और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। इसका कारण हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन रेजिस्टेंस, आनुवंशिकता और खराब लाइफस्टाइल हो सकता है।
2. क्या PCOS पूरी तरह ठीक हो सकता है?
PCOS का स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल और डॉक्टर की सलाह से इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। कई महिलाएं PCOS के बावजूद सामान्य और स्वस्थ जीवन जीती हैं।
3. PCOS के मुख्य लक्षण क्या हैं?
PCOS के सामान्य लक्षण हैं:
- अनियमित पीरियड्स
- वजन बढ़ना
- चेहरे पर अनचाहे बाल
- मुंहासे
- बालों का झड़ना
- प्रेग्नेंसी में दिक्कत
हर महिला में लक्षण अलग हो सकते हैं।
4. क्या PCOS में प्रेग्नेंसी संभव है?
हाँ, PCOS में प्रेग्नेंसी संभव है। सही इलाज, वजन कंट्रोल और ओवुलेशन सुधारने वाली दवाओं की मदद से कई महिलाएं सफलतापूर्वक मां बनती हैं। समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
5. PCOS में कौन-सी डाइट सबसे अच्छी होती है?
PCOS में लो-कार्ब, हाई-प्रोटीन और हाई-फाइबर डाइट फायदेमंद मानी जाती है।
हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और कम GI वाले फल अच्छे विकल्प हैं।
मीठी और प्रोसेस्ड चीजों से बचना चाहिए।
6. क्या तनाव (Stress) से PCOS बढ़ सकता है?
हाँ, ज्यादा तनाव हार्मोनल असंतुलन बढ़ा सकता है, जिससे PCOS के लक्षण खराब हो सकते हैं। इसलिए योग, ध्यान और अच्छी नींद जरूरी है।
7. PCOS और PCOD में क्या अंतर है?
PCOS एक गंभीर हार्मोनल मेटाबॉलिक समस्या है, जबकि PCOD में ओवरी में अंडे ठीक से विकसित नहीं होते। PCOS के प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ सकते हैं, जबकि PCOD अपेक्षाकृत हल्की स्थिति हो सकती है।
8. PCOS की जांच कैसे होती है?
PCOS की जांच के लिए डॉक्टर:
- ब्लड टेस्ट (हार्मोन लेवल)
- अल्ट्रासाउंड
- मेडिकल हिस्ट्री
के आधार पर निदान करते हैं।

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