मध्य प्रदेश

वाराणसी में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का भव्य मंचन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया सुशासन का प्रेरक उदाहरण

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वाराणसी की पावन धरा पर आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य ने दर्शकों को भारत के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन को आज के दौर के लिए प्रेरणादायक बताया।

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य से मिला सुशासन का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे नायक हैं, जिन्होंने सुशासन की एक उत्कृष्ट परंपरा स्थापित की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में सुशासन की वही भावना दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि काशी में इस महानाट्य का मंचन होना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की कर्मभूमि है।

काशी और उज्जैन का सांस्कृतिक संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों राज्यों के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ रहा महानाट्य

डॉ. यादव ने कहा कि इस महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के गुण—

  • राष्ट्र प्रेम
  • न्यायप्रियता
  • पराक्रम
  • प्रजा के प्रति समर्पण

युवा पीढ़ी तक पहुंचाए जा रहे हैं।

यह नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का माध्यम बन रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया यादगार क्षण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करता है। योगी आदित्यनाथ ने सम्राट विक्रमादित्य को न्याय और नीति का प्रतीक बताया।

भव्य मंचन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

महानाट्य की प्रस्तुति बेहद भव्य और जीवंत रही।

  • 400 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया
  • विशाल सेट और किले दर्शाए गए
  • हाथी, घोड़े और ऊंटों का प्रयोग किया गया
  • आधुनिक लाइट और साउंड तकनीक का उपयोग हुआ

युद्ध के दृश्य और न्याय के प्रसंग दर्शकों को रोमांचित करते रहे।

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन की झलक

नाटक में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को दिखाया गया, जैसे:

  • विदेशी आक्रमणकारियों से संघर्ष
  • प्रजा की रक्षा
  • विक्रम संवत की स्थापना
  • वेश बदलकर जनता का हाल जानना

इन दृश्यों ने दर्शकों को भावुक और गौरवान्वित किया।

कार्यक्रम के विशेष आकर्षण

इस तीन दिवसीय आयोजन में कई विशेष आकर्षण देखने को मिले:

  • महाकाल मंदिर की प्रतिकृति
  • वैदिक और सांस्कृतिक प्रदर्शनी
  • 200+ कलाकारों का प्रदर्शन
  • 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊंट और हाथी
  • आधुनिक तकनीक से सजीव युद्ध दृश्य

वैदिक घड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगी आदित्यनाथ को वैदिक घड़ी भेंट की।

यह घड़ी प्राचीन भारतीय समय गणना और आधुनिक विज्ञान का अद्भुत संगम है।

विक्रमोत्सव और सम्मान की पहल

मध्यप्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर कई सम्मान शुरू किए हैं:

  • 1.01 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय सम्मान
  • 21 लाख का राष्ट्रीय सम्मान
  • 5-5 लाख के तीन राज्य स्तरीय पुरस्कार

विक्रमोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।

वाराणसी में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और सुशासन की जीवंत प्रस्तुति है।

यह आयोजन आने वाले समय में भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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