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सेंसेक्स में बड़ी गिरावट: 1600 अंक टूटकर 72,900 पर, बाजार में घबराहट का माहौल

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बाजार में आज क्यों छाया डर का माहौल?

सोमवार, 23 मार्च को शेयर बाजार की शुरुआत निवेशकों के लिए झटका देने वाली रही। सुबह से ही बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा रहा कि सेंसेक्स करीब 1,600 अंक गिरकर 72,900 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी भी करीब 500 अंक टूटकर 22,650 के स्तर पर आ गया।

सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो, FMCG और IT सेक्टर में देखने को मिला। हालत ये रही कि सेंसेक्स के लगभग सभी 30 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।


निफ्टी में लगातार lower highs और lower lows बन रहे हैं, जो एक मजबूत downtrend का संकेत देता है। हाल की गिरावट में selling pressure काफी aggressive रहा है, जिससे बाजार में panic साफ नजर आ रहा है।


Nifty Chart Analysis: सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

ऊपर दिए गए चार्ट में साफ दिख रहा है कि निफ्टी में लगातार lower highs और lower lows बन रहे हैं, जो एक मजबूत downtrend का संकेत देता है। हाल की गिरावट में selling pressure काफी aggressive रहा है, जिससे बाजार में panic साफ नजर आ रहा है।

तुरंत सपोर्ट लेवल:
निफ्टी के लिए अभी सबसे अहम सपोर्ट 22,500 – 22,400 के आसपास नजर आ रहा है। अगर यह स्तर decisively टूटता है, तो गिरावट और तेज होकर 22,200 तक जा सकती है।

रेजिस्टेंस लेवल:
ऊपर की तरफ immediate resistance 22,800 – 23,000 के बीच है। जब तक निफ्टी इस रेंज के ऊपर sustain नहीं करता, तब तक हर उछाल (pullback) को selling opportunity माना जा सकता है।

ट्रेंड क्या कह रहा है?

  • मार्केट फिलहाल bearish momentum में है
  • छोटे-छोटे bounce सिर्फ temporary राहत दे रहे हैं
  • बड़े players अभी भी selling side पर नजर आ रहे हैं

ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी (Short-term):

  • Aggressive traders rallies पर sell करने की strategy अपना सकते हैं
  • Investors को अभी थोड़ा wait-and-watch approach रखना बेहतर रहेगा

गिरावट की 3 बड़ी वजहें

बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे कुछ बड़े ग्लोबल और घरेलू कारण हैं:

  • मिडिल ईस्ट में तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने सप्लाई चेन पर असर डाला है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे महंगाई और लागत बढ़ने की चिंता बढ़ी।
  • ग्लोबल मार्केट का दबाव: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।

एशियाई बाजारों का हाल

एशिया के ज्यादातर बाजारों में भी आज कमजोरी देखने को मिली:

  • जापान का निक्केई करीब 3.35% गिरा
  • हांगकांग का हैंगसेंग करीब 3.37% नीचे
  • चीन का शंघाई कंपोजिट करीब 2.29% टूटा
  • वहीं कोरिया का कोस्पी हल्की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा

🇺🇸 अमेरिकी बाजार का असर

20 मार्च को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे:

  • डाउ जोन्स 443 अंक गिरा
  • नैस्डैक 2% से ज्यादा टूटा
  • S&P 500 में 1.5% की गिरावट रही

इसका असर आज भारतीय बाजार पर साफ देखने को मिला।

तेल और रुपया – दोहरी मार

बाजार पर दबाव सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रहा:

  • कच्चे तेल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के पार
  • भारतीय बास्केट भी ऊंचे स्तर पर
  • रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 93.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया

यह स्थिति आयात महंगा करने के साथ-साथ निवेशकों की चिंता भी बढ़ा रही है।

FIIs की बिकवाली बनी बड़ी वजह

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए बड़ा झटका बनी हुई है:

  • 20 मार्च को FIIs ने ₹5,518 करोड़ की बिकवाली की
  • मार्च में अब तक ₹86,780 करोड़ की निकासी
  • वहीं DIIs ने ₹101,168 करोड़ की खरीदारी कर कुछ संतुलन बनाने की कोशिश की

क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?

फिलहाल बाजार पूरी तरह ग्लोबल संकेतों, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव पर निर्भर नजर आ रहा है।

अगर मिडिल ईस्ट में हालात नहीं सुधरे और कच्चा तेल महंगा बना रहा, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

कुल मिलाकर, आज का दिन निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। Short-term में volatility बनी रह सकती है, इसलिए समझदारी से निवेश करना ही बेहतर होगा।

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