शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, आईटी सेक्टर बना दबाव का कारण
भारतीय शेयर बाजार में आज शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, लेकिन बाद में हल्की रिकवरी भी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 487 अंकों की गिरावट के साथ 83,252 पर खुला। हालांकि, बाद में यह कुछ संभला और 68 अंकों की गिरावट के साथ 83,670 के स्तर तक पहुंच गया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 23 अंकों की बढ़त के साथ 25,750 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार की इस कमजोरी की मुख्य वजह आईटी सेक्टर के शेयर रहे। सेंसेक्स के टॉप लूजर्स में इंफोसिस लगभग 6 प्रतिशत तक टूट गया। टीसीएस में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। इसके अलावा एचसीएल टेक में 4.76 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 4.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार की रिकवरी की रफ्तार को धीमा कर दिया।
Powergrid शेयरों में लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी
जहां आईटी शेयर दबाव में रहे, वहीं पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर बीएसई में इंट्राडे के दौरान 5 प्रतिशत से अधिक उछलकर 284.50 रुपये तक पहुंच गए। यह लगातार दूसरा दिन है जब शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में पावर ग्रिड के शेयर करीब 13 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे हैं। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 4,185 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 3,862 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। मजबूत नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
Adani Enterprises के मुनाफे में 97 गुना उछाल
अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने दिसंबर 2025 तिमाही में चौंकाने वाले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 97 गुना बढ़कर 5,627 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा केवल 58 करोड़ रुपये था।
हालांकि, इस बड़े उछाल के पीछे एक वन-टाइम गेन भी शामिल है। कंपनी को अडानी विल्मर लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचने से 5,632 करोड़ रुपये का एकमुश्त फायदा हुआ। इस खबर के बाद शेयर बाजार में अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में जोरदार तेजी आई। बीएसई में शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 2,201.70 रुपये तक पहुंच गए और कारोबार के दौरान 2,232 रुपये का हाई भी छुआ।
पिछले एक साल में यह शेयर लगभग फ्लैट रहा है, जबकि छह महीनों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी। हालांकि, लंबी अवधि में इस शेयर ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है और पांच साल में 281 प्रतिशत से अधिक उछल चुका है।
रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 90.43 पर खुला
भारतीय रुपया आज हल्की कमजोरी के साथ 90.43 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले अमेरिकी-भारत ट्रेड एग्रीमेंट के बाद रुपये में सात साल की सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी देखी गई थी। लेकिन अब इंपोर्टर्स की तरफ से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये की मजबूती पर ब्रेक लग गया है।
बैंकर्स का कहना है कि 90 रुपये प्रति डॉलर का स्तर कॉर्पोरेट हेजिंग और डॉलर खरीद के लिए एक अहम स्तर बन जाता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में रुपया कुछ समय के लिए 90.0450 तक मजबूत हुआ, जो हालिया रैली का सबसे अच्छा स्तर था। हालांकि, बाद में बड़े कॉर्पोरेट समूहों द्वारा डॉलर की खरीद बढ़ने से रुपया फिर कमजोर हो गया।
Reliance Industries में 7% की तेजी, अधिग्रहण बना वजह
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आज 7 प्रतिशत की जोरदार तेजी देखने को मिली। इस तेजी के पीछे एक नया अधिग्रहण है। कंपनी की सब्सिडियरी रिलायंस स्ट्रेटेजिक बिजनेस वेंचर्स लिमिटेड ने Sikhya Entertainment Private Limited में 50.1 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है।
यह डील 150 करोड़ रुपये में पूरी हुई और अधिग्रहण प्रक्रिया 2 फरवरी को संपन्न हुई। इस रणनीतिक निवेश को बाजार ने सकारात्मक रूप में लिया, जिससे शेयरों में खरीदारी बढ़ी और कीमतों में उछाल आया।
निष्कर्ष: बाजार में सेक्टर आधारित मूवमेंट तेज
आज के कारोबार से यह साफ है कि बाजार में सेक्टर आधारित मूवमेंट तेज हो गया है। आईटी शेयरों की गिरावट ने इंडेक्स पर दबाव डाला, जबकि पावर, एनर्जी और कुछ कॉर्पोरेट खबरों वाले शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिली। निवेशकों के लिए यह समय स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपनाने का संकेत दे रहा है, जहां खबरों और नतीजों का सीधा असर शेयरों पर दिखाई दे रहा है।

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