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Sunetra Ajit Pawar : महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

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सुनेत्रा अजीत पवार कौन है? Who is Sunetra Ajit Pawar?

सुनेत्रा अजीत पवार (Ajit Pawar’s wife Sunetra) ने 31 जनवरी, 2026 को महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी चीफ मिनिस्टर के रूप में शपथ ली, जो राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के लोक भवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, डिप्टी CM एकनाथ शिंदे, NCP के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।

सुनेत्रा पवार को राज्य एक्साइज ड्यूटी, खेल और युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभागों का प्रभार दिया गया है, जबकि वित्त और योजना विभाग अब मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पास हैं।

उनका जीवन और राजनीतिक सफर

सुनेत्रा अजीत पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को महाराष्ट्र के ओसमानाबाद (धाराशिव) में हुआ। वे एक Maratha राजनीतिक पृष्ठभूमि से आती हैं; उनके पिता भी स्थानीय राजनीति से जुड़े थे।

उन्होंने अपनी शिक्षा कॉमर्स में स्नातक की और बारामती एवं ग्रामीण महाराष्ट्र में सामाजिक कार्यों से जुड़ीं। उन्होंने Environmental Forum of India (EFOI) जैसी संस्थाओं के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।

2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने Baramati से पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा, जहां उन्होंने अपनी सास सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि वो चुनाव हार गईं। इसके बाद उन्हें राज्यसभा में भेजा गया

अजित पवार का संक्षिप्त पारिवारिक परिचय

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक बदलाव

सुनेत्रा पवार की नियुक्ति एक ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। उनके पति अजीत पवार का विमान हादसे में 28 जनवरी 2026 को निधन हो गया, जिससे राज्य और पार्टी दोनों ही में शोक की लहर दौड़ गई।

अजीत पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले डिप्टी CM रहे और उनके निधन के बाद NCP के नेताओं ने सुनेत्रा को पार्टी के विधानमंडल दल का नेता unanimously चुना, जिसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

ताजा राजनीतिक परिदृश्य और प्रतिक्रियाएँ

  • शरद पवार ने सुनेत्रा के शपथ ग्रहण पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, और 12 फरवरी को दोनों NCP गुटों के विलय की योजना थी, जिसे अब विमान हादसे ने बदल दिया।
  • NCP के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस कदम को पार्टी की एकता और बल को बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा है, जबकि कुछ परिवारिक असंतोष की खबरें भी सामने आई हैं कि शरद पवार गुट के साथ उचित परामर्श नहीं हुआ।
  • पार्टी कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान “अजीत दादा अमर रहें” जैसे नारे भी लगाए, जो उनके प्रति सम्मान और भावना का प्रतीक हैं।

सुनेत्रा पवार की भविष्य की चुनौतियाँ

शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति के सपनों और महाराष्ट्र के प्रति समर्पण का जोर देकर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वे न्याय, समानता और विकास के लिए ईमानदारी से काम करेंगी और इस कठिन समय में जनता का स्नेह उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

अब राज्य में कई बड़ी चुनौतियाँ हैं:
✔️ सत्ता गठबंधन को मजबूती देना
✔️ आगामी बजट और योजनाओं को सही दिशा देना
✔️ NCP के विभाजित पक्षों के बीच संतुलन बनाना
✔️ किसानों, युवाओं और अल्पसंख्यक समूहों के हितों को संरक्षित करना

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