Export Tariff 25% से 18% तक कम — What It Means
- वर्तमान में export tariff को 25% से घटाकर 18% किया गया।
- इसका मतलब है U.S. और India के बीच trade tension को कम कर global trade को boost देना।
यह कदम दोनों देशों के बीच economic ties को मजबूत करने और tariff barriers को धीरे-धीरे हटाने की दिशा में माना जा रहा है।
India-USA Trade Relationship: Future Outlook
दोनों देशों के सरकारी अधिकारियों ने emphasize किया है कि यह एक strategic trade partnership है — जो bilateral trade को sustain करेगा।
India promises to reduce its non-tariff barriers और USA भी अपनी export policies में changes लाएगा।
U.S. ने India पर Tariffs लगाए
अमेरिका (USA) ने अप्रैल से August 2025 तक India पर कई stages में tariffs लागू किए।
पहले basic tariff और फिर 25% export tariff लगाया गया, जिसपर global trade circles में discussions चल रहे थे।
ट्रम्प ने अपनी पोस्ट में कहा, “आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती और सम्मान की वजह से और उनके अनुरोध पर, हमने तुरंत अमेरिका और भारत के बीच एक ट्रेड डील पर सहमति जताई है, जिसके तहत अमेरिका आपसी टैरिफ कम करेगा, इसे 25% से घटाकर 18% किया जाएगा।”
US-भारत ट्रेड डील: 5 बड़े ऐलान
अमेरिका और भारत के बीच हुई नई Trade Deal ने दोनों देशों के व्यापार संबंधों में बड़ा बदलाव ला दिया है। इस समझौते के तहत Tariff कटौती, Oil policy change और $500 Billion खरीद समझौता जैसे बड़े फैसले शामिल हैं। आइए जानते हैं इस डील के 5 सबसे अहम पॉइंट्स।
टैरिफ घटाकर 18% — भारतीय एक्सपोर्ट को बड़ी राहत
इस डील का सबसे बड़ा फायदा भारतीय exporters को मिला है।
पहले US ने भारत से आने वाले सामान पर 25% country-specific tariff लगाया था।
अब इसे घटाकर 18% कर दिया गया है।
रॉयटर्स के अनुसार, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला भारतीय इंपोर्ट पर लगने वाली ऊंची ड्यूटी को replace करेगा। इससे व्यापार में लंबे समय से बनी uncertainty खत्म होगी।
रूसी तेल खरीद पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाया गया
US ने भारत द्वारा Russian oil खरीदने पर लगाया गया extra 25% penalty tariff भी हटा दिया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद कम करने पर सहमति जताई है। इसके बदले US ने यह पेनल्टी हटाने का फैसला किया।
Trump ने भी अपनी पोस्ट में कहा कि भारत अब अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से ज्यादा energy products खरीदेगा।
भारत करेगा $500 Billion से ज्यादा का US सामान आयात
Tariff राहत के बदले भारत ने अमेरिका से बड़े पैमाने पर सामान खरीदने का वादा किया है।
Trump के अनुसार, India $500 Billion worth of U.S. goods खरीदेगा। इसमें energy, agriculture, technology और industrial products शामिल हो सकते हैं।
यह deal bilateral trade को नई ऊंचाई पर ले जा सकती है।

पीएम मोदी ने ट्रंप को दिया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों पर अब कम tariff लगेगा, जिससे देश के व्यापार को फायदा होगा। मोदी ने यह भी कहा कि जब दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र साथ काम करते हैं, तो global stability और economic growth को मजबूती मिलती है।
यह US-India Trade Deal सिर्फ tariff reduction तक सीमित नहीं है। यह energy partnership, trade expansion और global cooperation की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस समझौते से भारतीय exporters, अमेरिकी कंपनियों और global market — तीनों को फायदा हो सकता है।
Timeline: जब-जब U.S. ने Tariff प्रकट किया
- 2 April 2025: अमेरिका ने India पर 10% baseline tariff लागू किया।
- 5 April 2025: Donald Trump ने India पर 26% tariff announce किया।
- 9 April 2025: U.S. ने tariffs को 90 days के लिए हटा देने की बात कही।
- 31 July 2025: अमेरिका ने India पर 25% reciprocal tariff लगाने की घोषणा की।
- 1 August 2025: यह tariff effect में आया।
- 6 August 2025: Russia से oil खरीदने पर India पर 25% extra tariff apply किया गया।
- 27 August 2025: कुल मिलाकर 50% tariff लग चुकी थी (25% reciprocal + 25% extra)।
- 2 February 2026: USA ने export tariff को घटाकर 18% कर दिया (total 43%)।
US Donald Trump – Narendra Modi Meeting: Trade Deal Approved
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने Prime Minister Narendra Modi से बात की और दोनों नेताओं ने trade समझौते पर सहमति जताई।
Trump ने कहा कि India will buy $500 billion worth of U.S. goods, विशेषकर energy, technology, agriculture, coal और अन्य products। Trump ने यह भी कहा कि इन कदमों से UK-Russia war के खिलाफ global effort में help मिलेगी।

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