विदिशा में डायल-112 की मानवीय पहल बनी मिसाल
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में डायल-112 पुलिस टीम ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और मानवता का परिचय देते हुए एक नवजात बच्ची की जान बचाई। कुरवाई थाना क्षेत्र के ग्राम परसरी में सूखे कुएँ में परित्यक्त अवस्था में मिली इस मासूम को समय रहते सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया।
कैसे मिली नवजात बच्ची की सूचना
दिनांक 10 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, भोपाल को सूचना मिली कि ग्राम परसरी के एक सूखे कुएँ में नवजात बच्ची पड़ी हुई है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे वहाँ छोड़ दिया गया था। सूचना मिलते ही तुरंत डायल-112 टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुंचकर बचाई बच्ची की जान
डायल-112 एफआरव्ही वाहन के साथ मौके पर पहुँचे आरक्षक नेतराम अहिरवार और पायलट नरेंद्र दांगी ने बिना समय गंवाए बच्ची को सुरक्षित कुएँ से बाहर निकाला। टीम ने पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए बच्ची को तत्काल शासकीय चिकित्सालय, कुरवाई पहुँचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर
कुरवाई अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय, विदिशा रेफर किया गया। समय पर मिले इलाज के कारण नवजात की जान बचाई जा सकी।
डायल-112 हीरोज: मानवता की मिसाल
यह घटना ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के अंतर्गत एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष
विदिशा में हुई यह घटना न सिर्फ पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश है कि मानवता और संवेदनशीलता आज भी जीवित है। डायल-112 टीम की इस बहादुरी ने एक मासूम को नया जीवन दिया।

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