छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया और समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर विकास के लिए विशेष प्रार्थना भी की।
गौरतलब है कि जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित यह ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर अपनी परंपराओं और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां हर वर्ष रथयात्रा उत्सव बड़े ही श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी रथयात्रा से पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नी के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा कर प्रदेश के कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में हुए शामिल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज की ऐतिहासिक विरासत, परिश्रम और सामाजिक योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास साहस, संघर्ष और पुरुषार्थ का प्रतीक है। देश के विभाजन के समय सिंधी समाज ने सबसे अधिक कठिनाइयाँ झेली, लेकिन उस दौर में भी उनके पूर्वजों ने अपना आत्मसम्मान और मेहनत की परंपरा नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि शून्य से शिखर तक पहुँचने का उदाहरण सिंधी समाज ने पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में सिंधी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश के व्यापार, उद्योग और चेंबर ऑफ कॉमर्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सिंधी समाज की सक्रिय भागीदारी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। साथ ही यह समाज व्यापार के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है और इस सपने को साकार करने में सिंधी समाज का योगदान भी अहम रहेगा। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और शेष कार्यों पर भी निरंतर काम जारी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीटीआई ग्राउंड में दिखाई दे रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि सिंधी समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक खान-पान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था, जहाँ उन्हें जो स्नेह और आत्मीयता मिली, वही अपनापन आज इस कार्यक्रम में भी देखने को मिला। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की एकता और आपसी सहयोग ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

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