World Childhood Cancer Day क्या है और क्यों मनाया जाता है?
हर साल 15 फरवरी को दुनिया भर में World Childhood Cancer Day मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य है—बचपन के कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना, समय पर पहचान और सही इलाज की आवश्यकता को समझाना, और उन परिवारों को समर्थन देना जो इस कठिन लड़ाई से गुजर रहे हैं।
यह वैश्विक अभियान Childhood Cancer International (CCI) द्वारा शुरू किया गया था, ताकि हर बच्चे को बराबर और बेहतर इलाज मिल सके। आज यह दिन दुनिया भर में कैंसर से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के समर्थन का प्रतीक बन चुका है। यह दिन उन लाखों बच्चों के नाम समर्पित है जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या जूझ चुके हैं।
बचपन का कैंसर दुर्लभ जरूर है, लेकिन गंभीर है। अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और उपचार से अधिकांश मामलों में बच्चों को बचाया जा सकता है।
World Childhood Cancer Day का उद्देश्य
इस दिन को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं:
बच्चों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना
समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता दिलाना
सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर स्वास्थ्य नीतियों के लिए प्रेरित करना
दरअसल, बचपन का कैंसर यदि समय पर पहचान लिया जाए तो उसका इलाज संभव है। विश्व स्तर पर स्वास्थ्य संगठनों का मानना है कि सही इलाज और सुविधाएं मिलने पर 70% से अधिक बच्चों को बचाया जा सकता है।
बच्चों में दिखें ये 6 लक्षण, तो नजरअंदाज न करें
अगर आपके आसपास किसी बच्चे में ये लक्षण दिखें, तो चुप न रहें। एक जांच किसी की जिंदगी बचा सकती है। कुछ ऐसे संकेत हैं जिन्हें “रेड अलर्ट” माना गया है। अगर ये लक्षण लगातार दिखें, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है।
बिना कारण वजन घटना और लगातार थकान
यदि बच्चा सामान्य खान-पान के बावजूद तेजी से वजन खो रहा है, बार-बार बुखार आ रहा है या अत्यधिक कमजोरी महसूस कर रहा है, तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें।
कई बार माता-पिता इसे “पढ़ाई का तनाव” या “मौसमी बीमारी” मान लेते हैं, लेकिन लगातार ऐसा होना गंभीर संकेत हो सकता है।
सुबह-सुबह सिरदर्द, उल्टी या चक्कर
अगर बच्चे को खासकर सुबह के समय तेज सिरदर्द, उल्टी या चलने में असंतुलन महसूस हो रहा है, तो यह मस्तिष्क से जुड़े कैंसर (Brain Tumor) का शुरुआती संकेत हो सकता है।
ऐसी स्थिति में तुरंत न्यूरोलॉजिकल जांच कराना जरूरी है।
हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द
बच्चा यदि खेल-कूद के बिना भी हड्डियों या पैरों में दर्द की शिकायत करे, या सूजन बनी रहे, तो यह बोन कैंसर या ल्यूकेमिया का संकेत हो सकता है।
अक्सर इसे “ग्रोइंग पेन” समझ लिया जाता है, लेकिन लगातार दर्द चिंता का विषय है।
गर्दन, बगल या पेट में गांठ
शरीर में किसी भी जगह असामान्य गांठ का दिखना लिंफोमा (Lymphoma) या अन्य प्रकार के कैंसर का संकेत हो सकता है।
यदि गांठ धीरे-धीरे बढ़ रही हो या दर्द न कर रही हो, तब भी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
शरीर पर नीले निशान या बार-बार खून आना
बिना चोट लगे शरीर पर नीले निशान (Bruises) दिखना, मसूड़ों से खून आना या बार-बार नकसीर होना—ये ल्यूकेमिया (Blood Cancer) के संकेत हो सकते हैं।
आंखों की पुतली में सफेद चमक
अगर बच्चे की आंखों की पुतली में फोटो खींचते समय सफेद चमक दिखाई दे, तो यह रेटिनोब्लास्टोमा (Retinoblastoma) नामक कैंसर का संकेत हो सकता है।
ऐसे मामलों में तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
बच्चों में कैंसर का खतरा कैसे कम करें?
हालांकि सभी कैंसर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ सावधानियां मददगार हो सकती हैं:
नियमित हेल्थ चेकअप
संतुलित आहार और पौष्टिक भोजन
धूम्रपान के धुएं से बच्चों को दूर रखना
समय पर टीकाकरण
लक्षण दिखने पर तुरंत जांच
साल में एक बार हेल्थ चेकअप क्यों जरूरी?
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित स्वास्थ्य जांच से 80% तक बीमारियों की समय रहते पहचान हो सकती है।
अगर बच्चा बार-बार बीमार पड़ रहा है या कोई लक्षण लंबे समय से बना हुआ है, तो 3–6 महीने में एक बार जांच कराना बेहतर है।
भारत में स्थिति
भारत में हर साल हजारों बच्चे कैंसर से प्रभावित होते हैं। लेकिन जागरूकता और इलाज की सुविधाओं में असमानता के कारण कई मामले देर से सामने आते हैं।
सरकार और कई गैर-सरकारी संस्थाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों तक इलाज और जानकारी पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
World Childhood Cancer Day का संदेश
यह दिन हमें सिर्फ जागरूक नहीं करता, बल्कि यह सिखाता है कि— हर बच्चा एक उम्मीद है। हर मुस्कान अनमोल है। और हर जीवन की रक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
बच्चों में मेटाबोलिज्म तेजी से होता है क्योंकि उनका शरीर बढ़ रहा होता है और उसे विकास के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। छोटे बच्चों का मेटाबोलिज्म अधिक तेज होता है हालांकि उम्र बढ़ने के साथ यह धीरे-धीरे कम हो सकता है।
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