अफगानिस्तान-पाकिस्तान में खुला युद्ध? एयरस्ट्राइक

अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष: एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव, दोनों देशों के अलग-अलग दावे

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव अब खुली सैन्य टकराव की स्थिति में पहुंचता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया कि “हमारे सब्र की सीमा पार हो चुकी है, अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध छिड़ गया है।”

पाकिस्तान की ओर से जारी वीडियो में एयरफोर्स द्वारा काबुल, कंधार और पक्तिका प्रांत में की गई एयरस्ट्राइक के फुटेज दिखाए गए हैं।

55 बनाम 133 मौतों का दावा

अफगानिस्तान रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उनके जवाबी हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई को बंदी बनाया गया और 19 सैन्य चौकियों व दो बेस तबाह किए गए। अफगान पक्ष के अनुसार पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में 8 लोगों की मौत और 11 घायल हुए।

वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ अली जैदी ने दावा किया कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।

दोनों देशों के दावों में भारी अंतर होने से वास्तविक आंकड़ों को लेकर असमंजस बना हुआ है।

बॉर्डर इलाकों में जारी झड़प

नंगरहार, कुनार, खोस्त और पक्तिया जैसे सीमावर्ती इलाकों में संघर्ष जारी है। ये क्षेत्र विवादित डूरंड लाइन के पास स्थित हैं, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है।

अफगान सैनिकों ने नंगरहार के बेहसूद जिले में हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

TTP और आतंकवाद पर आरोप-प्रत्यारोप

पाकिस्तान का कहना है कि उसने 22 फरवरी को जिन ठिकानों पर हमला किया, वे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट से जुड़े थे।

इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि TTP अफगानिस्तान की जमीन से ऑपरेट कर रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।

हालिया हमलों से बढ़ा तनाव

फरवरी में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और इस्लामाबाद में आत्मघाती हमलों ने सुरक्षा हालात को और बिगाड़ दिया। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के अनुसार एक शिया मस्जिद पर हमले में 31 लोगों की मौत हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।

इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है।

पहले भी हो चुकी हैं झड़पें

अक्टूबर में सीमा पर हिंसक झड़पों के बाद कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ था, लेकिन स्थायी समझौता नहीं हो सका। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान-अफगान रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

तालिबान प्रवक्ता ने पाकिस्तान पर “संप्रभुता के उल्लंघन” का आरोप लगाया है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।

निष्कर्ष

अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष अब गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। दोनों देशों के दावे और जवाबी कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय हैं। अगर कूटनीतिक प्रयास जल्द नहीं हुए, तो यह टकराव व्यापक सैन्य संघर्ष का रूप ले सकता है।

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