गर्मी का मौसम आते ही बच्चों में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल बच्चे खेलते समय पानी पीना भूल जाते हैं। उन्हें प्यास का एहसास देर से होता है। इसी वजह से माता-पिता को थोड़ा ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है।
एक मां होने के नाते मैंने खुद यह अनुभव किया है। मेरी बेटी एक बार लंबे समय तक खेलती रही। उसने काफी देर तक पानी नहीं पिया। थोड़ी देर बाद वह थकी हुई लगने लगी। उसका चेहरा भी सूखा सा दिख रहा था। तभी मुझे समझ आया कि यह डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत हो सकता है।
इसी बीच मुझे यह भी महसूस हुआ कि अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह छोटी समस्या बड़ी बन सकती है। इसलिए हर माता-पिता को बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचानना जरूर आना चाहिए।
बच्चों में डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण
डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत हल्के होते हैं। हालांकि अगर इन्हें नजरअंदाज किया जाए, तो समस्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है।
बच्चों में डिहाइड्रेशन के कुछ आम शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं:
- बार-बार प्यास लगना
- मुंह और होंठ सूखे महसूस होना
- बच्चा जल्दी थक जाना
- पेशाब का रंग गहरा पीला होना
- बच्चा चिड़चिड़ा या सुस्त लगना
- खेलने में मन न लगना
इसके अलावा कई बार बच्चा सामान्य से ज्यादा शांत भी हो सकता है। वहीं कुछ बच्चों में आंखें हल्की धंसी हुई दिखाई देती हैं। ऐसे संकेत दिखें, तो तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए।
बच्चों में डिहाइड्रेशन के गंभीर लक्षण
अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो डिहाइड्रेशन गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए माता-पिता को गंभीर संकेतों की जानकारी भी होनी चाहिए।
गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
- बच्चा बहुत ज्यादा कमजोर महसूस करे
- बार-बार चक्कर आना
- रोते समय आंसू न निकलना
- त्वचा बहुत सूखी दिखाई देना
- बच्चा बहुत सुस्त या नींद जैसा महसूस करे
- लंबे समय तक पेशाब न आना
इसी बीच अगर बच्चा बार-बार उल्टी करे, तो यह भी चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे समय पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।
बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के आसान उपाय
दरअसल डिहाइड्रेशन से बचाव करना ज्यादा कठिन नहीं है। हमें बस कुछ आसान आदतों को रोज की दिनचर्या में शामिल करना होता है।
बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ये उपाय बहुत मददगार होते हैं:
- बच्चों को हर थोड़ी देर में पानी पीने की आदत डालें
- बाहर खेलने जाते समय पानी की बोतल साथ दें
- घर में नींबू पानी और छाछ जैसे पेय दें
- ज्यादा गर्मी में बच्चों को धूप से बचाएं
- ऐसे फल दें जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो
- बच्चों को बहुत देर तक खाली पेट न रखें
इसके अलावा आप बच्चों को तरबूज, खरबूज और खीरा जैसे फल दे सकते हैं। ये फल शरीर को ठंडक देते हैं। वहीं ये शरीर में पानी की मात्रा भी बनाए रखते हैं।
बच्चों में डिहाइड्रेशन होने पर क्या करें
कई बार सावधानी रखने के बाद भी बच्चे में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे समय पर घबराने की जरूरत नहीं होती। सही कदम उठाने से स्थिति संभाली जा सकती है।
अगर बच्चे में डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो ये काम जरूर करें:
- बच्चे को तुरंत ठंडी जगह पर बैठाएं
- उसे थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाएं
- नींबू पानी या ORS घोल दें
- बच्चे को आराम करने दें
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें
हालांकि अगर बच्चा पानी पीने से मना करे, तो देर न करें। ऐसे में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है
कई बार स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
- बच्चा 6 से 8 घंटे तक पेशाब न करे
- बच्चा बार-बार उल्टी करे
- बच्चा बहुत ज्यादा सुस्त दिखाई दे
- बच्चा बेहोशी जैसा महसूस करे
- बच्चे को तेज बुखार भी हो
दरअसल समय पर इलाज मिलने से बच्चे जल्दी ठीक हो जाते हैं। वहीं देरी करने से समस्या बढ़ सकती है।
एक मां की छोटी-सी सलाह
एक मां होने के नाते मैंने यही सीखा है कि बच्चों की छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। कई बार बच्चे अपनी परेशानी बता नहीं पाते। ऐसे में हमें खुद उनके व्यवहार को समझना पड़ता है।
इसके अलावा बच्चों को समय-समय पर पानी पीने की आदत डालना बहुत जरूरी है। शुरुआत में बच्चे टालते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन जाती है।
वहीं अगर हम थोड़ी सावधानी रखें, तो बच्चों को डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से आसानी से बचाया जा सकता है।
FAQ: बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण
बच्चों में डिहाइड्रेशन का पहला लक्षण बार-बार प्यास लगना होता है। इसके अलावा मुंह सूखना और जल्दी थक जाना भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
बच्चों को समय-समय पर पानी पिलाना जरूरी होता है। इसके अलावा उन्हें नींबू पानी, छाछ और पानी वाले फल देना भी बहुत फायदेमंद रहता है।
हल्के डिहाइड्रेशन में पानी मदद करता है। हालांकि ज्यादा समस्या होने पर ORS देना जरूरी होता है।
अगर बच्चा लंबे समय तक पानी न पीए, तो कुछ ही घंटों में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए समय पर ध्यान देना जरूरी होता है।
अगर बच्चा बार-बार उल्टी करे या पेशाब न आए, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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