मध्य प्रदेश

बरगी डैम हादसा: जबलपुर में क्रूज पलटने से कई पर्यटक डूबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घूमने निकले पर्यटकों का सफर अचानक मातम में बदल गया। नर्मदा नदी के बैकवॉटर क्षेत्र में स्थित बरगी डैम पर गुरुवार शाम एक पर्यटक क्रूज नाव हादसे का शिकार हो गई।

बताया जा रहा है कि नाव में लगभग 30 के आसपास लोग सवार थे, जो प्राकृतिक नज़ारों का आनंद लेने निकले थे। लेकिन अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ उठी लहरों ने पूरे माहौल को खतरनाक बना दिया। देखते ही देखते क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और पानी में समा गया।

तेज हवा और लहरों ने बिगाड़ी स्थिति

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय हवा बेहद तेज चल रही थी और पानी में ऊंची लहरें उठ रही थीं। ऐसे हालात में चालक के लिए नाव को संभालना मुश्किल हो गया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आशंका जताई गई है कि नाव पर यात्रियों की संख्या अधिक होने से संतुलन और जल्दी बिगड़ा।

राहत-बचाव में जुटी टीमें

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नाविकों, प्रशासन और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। अब तक करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कई लोगों की तलाश जारी है। गोताखोर लगातार पानी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

अब तक 4 मौतों की पुष्टि

इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में महिलाओं के शामिल होने की भी खबर है। वहीं कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।


CM मोहन यादव की हादसे पर नजर

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. सूबे के मुखिया ने लिखा, ”आज जबलपुर में तेज आंधी-फान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है.


प्रशासन मौके पर, जांच के आदेश संभव

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को अस्पताल भेजा गया है और पूरे मामले की जांच की तैयारी चल रही है। शुरुआती तौर पर खराब मौसम को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पर्यटन स्थल पर सुरक्षा पर सवाल

बरगी डैम, जो नर्मदा नदी पर बना एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, अक्सर बोटिंग और क्रूज के लिए जाना जाता है। इस हादसे ने यहां की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्राकृतिक पर्यटन के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। फिलहाल सभी की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं, ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

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