India Budget 2026: Big Push for Growth and Jobs : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य विकास की रफ्तार बढ़ाना, लोगों की क्षमता मजबूत करना और हर वर्ग को अवसर देना है। आर्थिक रोडमैप के लिहाज से यह बजट एक अहम कदम माना जा रहा है। टैक्सपेयर्स, कारोबारी जगत और शेयर बाजार की नजरें इस बजट पर टिकी रहीं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट : India’s 2026 Budget Focuses on Youth & Industry
सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च तय किया है। यह राशि पिछले साल से अधिक है और इसका उद्देश्य देश के बुनियादी ढांचे को तेज गति से मजबूत करना है। पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक नया फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे माल ढुलाई आसान होगी और लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
दुर्लभ खनिजों के लिए केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इससे खनिज संपन्न राज्यों को सीधा फायदा मिलेगा। टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े पार्क विकसित किए जाएंगे ताकि निर्यात और रोजगार दोनों बढ़ सकें।
Semiconductors and electronics: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर
भारत सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ISM 2.0 मिशन लॉन्च करेगा। यह कदम देश को चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के पुर्जों के निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे मेक इन इंडिया को नई ताकत मिलेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 2026–27 में बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। इस एलान के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के शेयरों में 6 प्रतिशत तक उछल गए।
Biopharmaceutical and healthcare sectors : बायो-फार्मा और हेल्थ सेक्टर में नई पहल
सरकार ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू करेगी। इस योजना में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इसके तहत तीन नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य दवा अनुसंधान, नवाचार और उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।
Road, Rail and logistics : सरकार के फोकस वाले 6 बड़े क्षेत्र
सरकार रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी ताकि जरूरी क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ सके। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से सक्रिय करने की योजना है। MSME सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी जोर रहेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जाएगी, जिससे सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में है। साथ ही, शहरों को व्यापार और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
Economic growth : बजट के तीन मुख्य विजन
सरकार का पहला विजन आर्थिक रफ्तार बढ़ाना है। इसके लिए उत्पादकता और निवेश दोनों को बढ़ावा दिया जाएगा। दूसरा विजन लोगों की क्षमता बढ़ाना है ताकि वे विकास में सक्रिय भागीदारी कर सकें। तीसरा विजन ‘सबका साथ’ है, जिसका मतलब है कि हर परिवार और हर क्षेत्र को आय के अवसर मिलें।
Major announcements for farmers : किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं
वित्त मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने पर खास जोर दिया। हाई वैल्यू फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को तकनीक, ट्रेनिंग और बाजार तक पहुंच में मदद मिलेगी। मछली पालकों के लिए फिशरीज रिजर्वायर विकसित किए जाएंगे।
नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए एक विशेष संवर्धन योजना लाई जाएगी। इसके तहत पुराने पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे ताकि उत्पादकता बढ़ सके। काजू और कोको उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी खास प्रोग्राम शुरू होगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाया जाए।
टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदला
वित्त मंत्री ने साफ कहा कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए टैक्स ढांचे में स्थिरता बरकरार रखी गई है।
Stock market reaction : शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
बजट भाषण के दौरान शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी भी हुई। सरकारी बैंक और कुछ बड़े शेयरों में दबाव देखने को मिला। निवेशक बजट घोषणाओं के असर का आकलन करते रहे।
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
सरकार ने कहा कि भारत ने मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाई है। इससे आयात पर निर्भरता घटी है। पिछले सुधारों की वजह से देश लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर रहा है। वित्त मंत्री के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई को नियंत्रण में रखा गया है।
वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन और व्यापार में चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। यह बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि फ्यूचर्स पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। खासकर स्टॉक एक्सचेंज और ब्रोकिंग फर्म के शेयर्स 10% तक गिर गए।
कंटेंट क्रिएटर्स और गेमिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट
सरकार ने क्रिएटर इकोनॉमी को तेजी से बढ़ता हुआ सेक्टर बताया है। गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल्स को नौकरी मिलने की उम्मीद। नया कंटेंट क्रिएटर लैब बनाया जाएगा, जहां युवाओं को कंटेंट क्रिएशन की ट्रेनिंग दी जाएगी। डिजाइन एजुकेशन के लिए नेशनल डिजाइन स्कूल खोले जाएंगे।

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