घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक तनाव के बीच निवेशक तेजी से सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। साथ ही Gold ETF और Silver ETF में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई है।
Gold ETF में 13% तक की तेज बढ़त
29 जनवरी को गोल्ड और सिल्वर ETF में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। खास बात यह रही कि सिल्वर ETF की तुलना में गोल्ड ETF में अधिक उछाल दर्ज किया गया। गोल्ड ETF में लगभग 13% तक की तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितता के माहौल में सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनकर उभरा है। इसी वजह से बड़े निवेशक गोल्ड ETF में लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं।
क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें?
जानकारों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका पर बढ़ता कर्ज और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव के संकेत भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक अमेरिका-केंद्रित व्यापार मॉडल धीरे-धीरे क्षेत्रीय समूहों में बंटता दिखाई दे रहा है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम कम करने के लिए सोने जैसे सुरक्षित एसेट में निवेश बढ़ा रहे हैं।
MCX पर सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों ने ऐतिहासिक स्तर छू लिए।
- फरवरी एक्सपायरी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 9% उछलकर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।
- अप्रैल और जून एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट भी लगभग 9% की तेजी के साथ लाइफटाइम हाई पर बंद हुए।
चांदी की बात करें तो:
- मार्च एक्सपायरी सिल्वर फ्यूचर्स करीब 6% चढ़कर 4,07,456 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।
- मई और जुलाई एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग 6% की मजबूती देखी गई।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौजूदा अस्थिर माहौल में संतुलित निवेश रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक 75% गोल्ड और 25% सिल्वर का पोर्टफोलियो संतुलन रख सकते हैं।
इससे:
- सोने के जरिए अल्पकालिक अस्थिरता से बचाव
- चांदी के जरिए दीर्घकालिक ग्रोथ की संभावना
दोनों का लाभ मिल सकता है।
ETF निवेश का बदलता रुझान
2026 की शुरुआत से अब तक ग्लोबल सिल्वर ETF से लगभग 30 लाख औंस की निकासी दर्ज की गई है, जबकि गोल्ड ETF में निवेश अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल ज्यादा सुरक्षित और रक्षात्मक रणनीति अपना रहे हैं।
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म के लिए सलाह
लॉन्ग टर्म निवेशक:
चरणबद्ध (SIP या staggered) तरीके से निवेश करें और एसेट एलोकेशन का ध्यान रखें।
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स:
रिकॉर्ड ऊंचाई पर बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए सावधानी के साथ ट्रेड करें और उचित स्टॉप लॉस का उपयोग करें।

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