जोई जोई प्यारे करे सोई मोहि भावे — श्री प्रिया जी का अद्वितीय प्रेम संदेश | हित चौरासी के प्रथम पद का रहस्य

‘जोई जोई प्यारे करे सोई मोहि भावे’— हित चौरासी के प्रथम पद में श्री प्रिया जी ने श्रीश्यामसुन्दर के प्रति निष्काम प्रेम, पूर्ण समर्पण और राधा-कृष्ण की अभिन्नता का दिव्य रहस्य प्रकट किया है। यह लेख इस पद के शब्द-शब्द में छिपे माधुर्य रस और प्रेममार्ग के गूढ़ अर्थ का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।