मध्य प्रदेश

किसान ही देश के भाग्य विधाता हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया किसान सम्मेलन में कही बड़ी बातें

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किसान ही देश के भाग्य विधाता: मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया जिले में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान देश के भाग्य विधाता हैं और उनकी समृद्धि ही सरकार का प्रमुख संकल्प है। उन्होंने भगवान बलराम को नमन करते हुए किसानों के योगदान को देश की रीढ़ बताया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है। संकट के समय दुनिया के किसी भी कोने में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का कार्य सरकार ने सफलतापूर्वक किया है। मध्यप्रदेश सरकार भी विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है।

कृषि, पशुपालन और उद्योग से बढ़ेगी किसानों की आय

मुख्यमंत्री ने किसानों को आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि

  • कृषि यंत्रों का उपयोग
  • पशुपालन
  • मत्स्य पालन
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग

इन सबके माध्यम से किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। सरकार इन क्षेत्रों में कई योजनाएं चला रही है।

62.23 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

दतिया जिले को 62.23 करोड़ रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों की सौगात दी गई। इनमें शामिल हैं:

  • सांदीपनि विद्यालय
  • रतनगढ़ में यात्री निवास
  • स्टेडियम निर्माण
  • अन्य बुनियादी विकास कार्य

सिंचाई और बिजली पर बड़ा फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सिंचित क्षेत्र बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो चुका है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की समस्या दूर होगी और किसानों का पलायन रुकेगा।

सरकार का लक्ष्य है:

  • किसानों को 24 घंटे बिजली
  • सिंचाई सुविधाओं का विस्तार

नरवाई प्रबंधन और कृषि यंत्रों की सुविधा

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेष (नरवाई) न जलाएं।
इसके लिए सरकार:

  • हैप्पी सीडर मशीन उपलब्ध करा रही है
  • भूसा उत्पादन को बढ़ावा दे रही है

साथ ही, छोटे किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जा रहे हैं, जहां किराये पर कृषि यंत्र मिलेंगे।

पशुपालन से आय बढ़ाने की योजना

राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है।

  • 25 गायों की इकाई पर 40 लाख तक का प्रोजेक्ट
  • 10 लाख रुपए का अनुदान

सरकार का लक्ष्य दूध उत्पादन को 20% तक बढ़ाना है।

किसानों के लिए आर्थिक लाभ

सरकार ने किसानों के हित में कई फैसले लिए:

  • गेहूं पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस
  • भविष्य में 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीद
  • सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया
  • किसानों को सालाना 12,000 रुपए सम्मान निधि

शिक्षा और सामाजिक योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को:

  • मुफ्त किताबें
  • ड्रेस
  • साइकिल
  • लैपटॉप और स्कूटी

इसके अलावा, यशोदा योजना के तहत बच्चों को दूध भी दिया जाएगा।

पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण

प्रदेश में:

  • कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास
  • नया माधव टाइगर रिजर्व
  • धार्मिक स्थलों का विकास

भी किया जा रहा है।

किसान के खेत पहुंचे मुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अचानक एक किसान के खेत पहुंचे और स्ट्रॉ रीपर मशीन का निरीक्षण किया।
भावुक किसान ने कहा— “ऐसा लग रहा है जैसे शबरी को राम मिल गए हों।”

मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई विस्तार, आधुनिक कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह संदेश साफ है कि किसानों की समृद्धि ही राज्य और देश के विकास की कुंजी है।

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