Dr. Mohan Yadav ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाते हुए राज्य सरकार किसानों के हित में व्यापक और समन्वित प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, प्रदेश के लगभग 16 विभाग एक साथ मिलकर कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
कृषि कर्मयोगियों को समर्पण और नवाचार का संदेश
Ravindra Bhavan में आयोजित कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे किसानों के प्रति समर्पण भाव रखते हुए नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन में किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
डिजिटल पहल: किसान हेल्पलाइन और डैशबोर्ड लॉन्च
कार्यशाला के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल पहल शुरू कीं, जिनमें शामिल हैं:
- मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड
- पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान
- सीएम किसान हेल्पलाइन
दरअसल, हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 155253) के माध्यम से किसानों को तुरंत सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वयं इसका परीक्षण कर इसकी उपयोगिता को परखा।
सिंचाई और तकनीक से बदली खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जहां रबी फसलें बारिश पर निर्भर रहती थीं, वहीं अब नहरों और बिजली सुविधाओं के विस्तार से सिंचाई हर खेत तक पहुंच रही है।
इसके अलावा, किसान अब साल में दो की बजाय तीन फसलें लेने लगे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।
दुग्ध उत्पादन और पशुपालन में वृद्धि
National Dairy Development Board के सहयोग से राज्य में पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
- दूध उत्पादन में वृद्धि
- किसानों को प्रति लीटर 7–8 रुपये तक अधिक मूल्य
दूसरी ओर, सरकार इसे “दुग्ध क्रांति” के रूप में देख रही है।
समर्थन मूल्य और नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- गेहूं की खरीद ₹2625 प्रति क्विंटल पर की जा रही है
- उड़द की फसल को भी समर्थन मूल्य में शामिल किया गया है
इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
एग्री वेस्ट मैनेजमेंट से बढ़ी अतिरिक्त आय
इसी बीच, किसानों को एग्री वेस्ट मैनेजमेंट अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- नरवाई से भूसा बनाना
- मक्के के डंठल का उपयोग
- पर्यावरण संरक्षण के साथ आय में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने पर भी जोर दिया और कहा कि आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
नदी जोड़ो परियोजनाएं: किसानों के लिए बड़ी सौगात
सरकार को Ken-Betwa Link Project और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
- केंद्र सरकार द्वारा 90% लागत सहायता
- मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई जिलों को लाभ
हालांकि, मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
निष्कर्ष
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत मध्यप्रदेश सरकार कृषि, तकनीक और नवाचार को एक साथ जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
वहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सिंचाई सुविधाएं और नई योजनाएं किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
👉 कुल मिलाकर, यह पहल केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का एक व्यापक प्रयास है।
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