आंध्र प्रदेश में 9 नक्सलियों ने डाले हथियार
छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियानों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में रविवार को आंध्र प्रदेश में 9 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल मिलाकर 48 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
इनमें एक वरिष्ठ माओवादी नेता भी शामिल है, जो करीब तीन दशकों से अधिक समय से संगठन से जुड़ा हुआ था। सरेंडर करने वाले ज्यादातर नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं।
25 लाख का इनामी नेता भी शामिल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चेल्लुरी नारायण राव उर्फ सुरेश ने अपने साथियों के साथ सरेंडर किया। वह माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव रहा है।
उस पर अकेले 25 लाख रुपए का इनाम था। उसके साथ सरेंडर करने वाले अन्य नक्सलियों पर भी 1 लाख से 5 लाख तक के इनाम घोषित थे।
कई बड़े हमलों में रहा शामिल
जानकारी के मुताबिक, सुरेश का नाम कई बड़े नक्सली हमलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2018 में आंध्र प्रदेश के विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमेश्वर राव की हत्या में भी उसकी भूमिका बताई गई थी। इसके अलावा, वह कई एंबुश और सुरक्षाबलों पर हमलों की साजिशों में भी शामिल रहा है।
सरेंडर के पीछे ये वजहें आई सामने
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि संगठन के शीर्ष नेताओं के मारे जाने और गिरफ्तार होने से संगठन कमजोर पड़ गया है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर घटता जनसमर्थन और सरकार की पुनर्वास नीति भी उनके फैसले की बड़ी वजह बनी।
छत्तीसगढ़ में जंगल से बरामद हुए हथियार
इधर छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने जंगल में छिपाकर रखे गए आधुनिक हथियार बरामद किए हैं।
तलाशी अभियान के दौरान पेड़ के नीचे छिपाए गए पैकेट से एक AK-47 राइफल और एक इंसास राइफल के साथ जिंदा कारतूस मिले हैं।
लगातार कार्रवाई से कमजोर हो रहा संगठन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे ऑपरेशन के चलते नक्सली संगठन पर दबाव बढ़ा है।
जिले के आंकड़ों के अनुसार:
- 18 नक्सली मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं
- 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है
- बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं
अधिकारियों का दावा है कि क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां अब काफी हद तक कम हो गई हैं। हाल के दिनों में कई बड़े नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। 25 मार्च को बस्तर क्षेत्र में एक बड़े कमांडर समेत 18 नक्सलियों ने हथियार डाले थे।
इसी दिन ओडिशा में भी 55 लाख के इनामी नक्सली ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था।
तेजी से बिखर रहा नक्सल नेटवर्क
लगातार हो रही कार्रवाई, नेताओं के मारे जाने और घटते जनसमर्थन के चलते नक्सली संगठन तेजी से कमजोर होता नजर आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले समय में और बड़े सरेंडर देखने को मिल सकते हैं।

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