Iran War: इस्फहान में हथियार डिपो पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक, बंकर-बस्टर बमों से हमला; मिडिल ईस्ट तनाव और बढ़ा

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इस्फहान में अमेरिकी एयरस्ट्राइक, भारी विस्फोट

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक प्रमुख हथियार डिपो को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला सोमवार रात किया गया, जिसमें शक्तिशाली 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया।

बताया जा रहा है कि यह डिपो बड़ी मात्रा में हथियारों और सैन्य उपकरणों का भंडारण स्थल था। हमले के बाद वहां कई विस्फोट हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार देखे गए।

ट्रम्प ने शेयर किया हमले का वीडियो

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें धमाकों के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।

ईरानी विमान को भी नुकसान

इसी दौरान ईरान में मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा महान एयरलाइंस का एक विमान भी हमले की चपेट में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विमान भारत से दवाइयों और राहत सामग्री लाने के लिए नई दिल्ली आने वाला था।

हमले में विमान को नुकसान पहुंचा, जिससे मानवीय सहायता से जुड़े प्रयासों पर भी असर पड़ा है।

रणनीति पर उठे सवाल, पूर्व RAW चीफ की प्रतिक्रिया

भारत के पूर्व RAW प्रमुख विक्रम सूद ने अमेरिका और इजराइल की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की ताकत और प्रतिक्रिया क्षमता को कम करके आंका है।

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान इस संघर्ष में मजबूती से जवाब दे रहा है। साथ ही कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय संतुलन बदलने और इजराइल की स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

तेल की कीमतों में उछाल, आम जनता पर असर

इस बढ़ते संघर्ष का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी दिखने लगा है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है, जो पिछले तीन वर्षों में पहली बार हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे कीमतों में तेजी आई है। एक सर्वे में करीब 55% अमेरिकी नागरिकों ने माना कि बढ़ती ईंधन कीमतों का उनके बजट पर नकारात्मक असर पड़ा है।

लेबनान फ्रंट पर भी बढ़ा संघर्ष

इसी बीच, दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना को भी नुकसान झेलना पड़ा है। हालिया जानकारी के अनुसार, वहां चार और सैनिकों की मौत हुई है।

2 मार्च से अब तक इस क्षेत्र में कुल 10 इजराइली सैनिक मारे जा चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि संघर्ष कई मोर्चों पर फैल चुका है।

लगातार गहराता जा रहा मिडिल ईस्ट संकट

अमेरिका-ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव अब व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है। सैन्य कार्रवाई, आर्थिक दबाव और कूटनीतिक बयानबाजी के बीच स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि जल्द ही तनाव कम करने के प्रयास नहीं हुए, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।

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