स्टॉक मार्किट

फिर मची भगदड़: ट्रंप की 200% टैरिफ धमकी से बिखरे एशियाई बाजार, Indian Stock Market में भी असर

trump-tarrif-stock-market

ट्रंप की 200% टैरिफ धमकी से एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट, भारतीय शेयर बाजार पर भी असर। जानिए निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है।

Stock market crashes are tied to renewed Trump tariff: एक बार फिर वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 चुनाव के प्रमुख दावेदार डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 200% टैरिफ लगाने की धमकी ने एशियाई शेयर बाजारों को हिला कर रख दिया। इसका असर केवल चीन, जापान या कोरिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Indian Stock Market भी इस भूचाल से अछूता नहीं रह सका।

ट्रंप की 200% टैरिफ धमकी क्या है?

टैरिफ केवल टैक्स नहीं होता, यह एक आर्थिक हथियार होता है, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि यदि वे सत्ता में वापस आते हैं, तो वे कुछ देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर 200% तक टैरिफ लगाने पर विचार करेंगे। यह बयान खासतौर पर चीन और अन्य एशियाई निर्यातक देशों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

इतना भारी शुल्क लगाने का सीधा मतलब है : अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुकावट, कंपनियों की लागत में बढ़ोतरी, वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव

एशियाई बाजारों में क्यों मची भगदड़?

ट्रंप के बयान के बाद एशियाई बाजारों में panic selling देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर अमेरिका ने वाकई इतने ऊंचे टैरिफ लगाए, तो इससे वैश्विक व्यापार मंदी की ओर बढ़ सकता है।  ट्रंप टैरिफ से दुनिया के बाजारों में मची हलचल का असर बीते कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिल रहा है. पिछले कारोबारी दिन मंगलवार से सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी. BSE Sensex 83,207 पर ओपन होने के बाद 1066 अंक गिरकर 82,180.47 पर क्लोज हुआ था. तो वहीं NSE Nifty 225,580 पर खुलने के बाद 353 अंक फिसलकर 25,232 पर बंद हुआ था.

प्रमुख एशियाई बाजारों का हाल:

  • Nikkei (Japan): तेज गिरावट
  • Hang Seng (Hong Kong): भारी बिकवाली
  • Shanghai Composite (China): कमजोर क्लोज़िंग
  • Kospi (South Korea): IT और Export stocks पर दबाव

निवेशक सुरक्षित निवेश (Gold, Dollar) की ओर भागते दिखे, जिससे शेयर बाजारों में गिरावट और तेज हो गई।

Indian Stock Market पर क्या पड़ा असर?

भारतीय शेयर बाजार भी इस वैश्विक उथल-पुथल से बच नहीं पाया। Sensex और Nifty दोनों में कमजोरी देखने को मिली, खासतौर पर IT Stocks, Metal Stocks, Export-oriented कंपनियाँ पर ज्यादा असर दिखाई दे रहा है.

किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर?

  • IT सेक्टर: US exposure ज्यादा होने के कारण
  • Metals: Global demand slowdown की आशंका
  • Pharma: Export policy को लेकर अनिश्चितता

हालांकि, घरेलू निवेशकों (DII) की खरीदारी ने बाजार को पूरी तरह टूटने से बचा लिया।

निवेशकों में डर क्यों बढ़ा?

  1. Global Trade War की आशंका
  2. US-China संबंधों में तनाव
  3. Dollar मजबूत होने की संभावना
  4. FII Outflow का खतरा

इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर निवेशकों का confidence कमजोर किया।

क्या यह गिरावट लंबी चलेगी?

बाजार रपरगिरताहैऔरभरोसेपरचढ़ताहै।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट फिलहाल sentiment-driven है। अगर ट्रंप का बयान केवल चुनावी रणनीति साबित होता है, तो बाजार धीरे-धीरे संभल सकता है। लेकिन अगर टैरिफ नीति वास्तव में लागू होती है, तो:

  • Global markets में volatility बढ़ेगी
  • Indian exports पर दबाव आएगा
  • Long-term निवेशकों को सतर्क रहना होगा

ट्रंप की 200% टैरिफ धमकी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि global politics और stock market एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। एशियाई बाजारों में मची भगदड़ और Indian Stock Market पर पड़ा असर फिलहाल चेतावनी है, न कि संकट।

“जो निवेशक शोर से ऊपर उठकर सोचता है, वही बाजार में टिकता है।”

आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और अमेरिकी राजनीति भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। समझदारी इसी में है कि निवेशक धैर्य रखें और रणनीति के साथ आगे बढ़ें।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News