भोपाल के पास स्थित झिरी क्षेत्र से निकलने वाली बेतवा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए अब बड़ा अभियान शुरू किया गया है। जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों की मदद से नदी के उद्गम क्षेत्र को फिर से विकसित किया जा रहा है। इस पहल का मकसद सूखते जलस्रोतों को बचाना और आने वाले वर्षों में पानी की समस्या को कम करना है।
जानकारी के अनुसार, झिरी क्षेत्र में जल संरचनाओं का निर्माण, गहरी खुदाई, पौधारोपण और वर्षा जल संरक्षण जैसे कार्य किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नदी के उद्गम क्षेत्र को सही तरीके से संरक्षित किया गया तो बेतवा नदी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है, जिससे आसपास के गांवों और खेती को भी फायदा मिलेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार भूजल स्तर गिरने और अतिक्रमण के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। अब प्रशासन और समाज की साझेदारी से नदी को फिर से जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बेतवा नदी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है। ऐसे में झिरी से शुरू हुई यह पहल भविष्य में पूरे क्षेत्र के लिए जल संकट कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
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