अधिकारी ने बताया कि एनकाउंटर स्थल से 30 नक्सलियों के शव और एक एके-47 राइफल और एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल) समेत हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है. इस साल अब तक बस्तर क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 171 नक्सलियों को मार गिराया गया है. इस क्षेत्र में दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित सात जिले शामिल हैं.
Update: बस्तर हुआ नक्सल मुक्त: CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान, पीएम मोदी की रणनीति को बताया अहम
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने हालिया जगदलपुर दौरे के दौरान यह दावा किया कि बस्तर अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।
“डर से विकास तक” — बस्तर की बदली तस्वीर
सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि जिस बस्तर क्षेत्र में कभी नक्सल हिंसा का डर हावी था, आज वहीं विकास और विश्वास का माहौल बन रहा है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक बदलाव बताते हुए कहा कि अब यह इलाका तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बस्तर में नक्सल गतिविधियां अब अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इसे पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है।
पीएम मोदी की रणनीति का असर
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत नीति के कारण ही यह संभव हो पाया है।
सरकार का लक्ष्य पहले ही 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का रखा गया था, और अब यह लक्ष्य लगभग हासिल होता दिख रहा है।
सुरक्षा बलों की बड़ी भूमिका
सीएम साय ने सुरक्षा बलों के साहस और लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों की मेहनत और समर्पण के कारण ही बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति स्थापित हो पाई है।
लगातार अभियान, नक्सलियों के सरेंडर और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था ने इस बदलाव को संभव बनाया है।
अब विकास की नई राह पर बस्तर
नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब सरकार बस्तर में तेजी से विकास योजनाएं लागू कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का फोकस अब इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने और युवाओं को नए अवसर देने पर है, ताकि वे विकास की इस नई कहानी का हिस्सा बन सकें।
“नया बस्तर, नया छत्तीसगढ़” का विजन
सीएम साय ने कहा कि बस्तर अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है—जहां डर नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई शुरुआत हो रही है।
उनके अनुसार, आने वाले समय में बस्तर न सिर्फ नक्सल मुक्त होगा, बल्कि यह क्षेत्र राज्य के विकास का नया इंजन भी बनेगा।
एनकाउंटर अभुजमाड़ के थुलथुली और गेंदुर गांवों के बीच जंगल में हुआ
छत्तीसगढ़ के बस्तर में शुक्रवार को एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने 30 नक्सलियों को मार गिराया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनकाउंटर दोपहर करीब एक बजे नारायणपुर दंतेवाड़ा अंतर जिला सीमा पर अभुजमाड़ के थुलथुली और गेंदुर गांवों के बीच जंगल में हुआ. ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के जवान शामिल थे.
अधिकारी ने बताया कि एनकाउंटर स्थल से 30 नक्सलियों के शव और एक एके-47 राइफल और एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल) समेत हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है. इस साल अब तक बस्तर क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 171 नक्सलियों को मार गिराया गया है. इस क्षेत्र में दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित सात जिले शामिल हैं..
न्यूज एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि घने जंगल वाले इलाके में नक्सली होने की सूचना मिली थी. इसके आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी कर कॉम्बिंग शुरू की. तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 30 नक्सली ढेर हो गए. इलाके में 2 घंटे तक रुक-रुककर फायरिंग हो रही थी. फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि इनके अन्य साथी फरार होने में कामयाब तो नहीं हुए हैं.
कुछ दिन पहले ही नारायणपुर जिले में मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को ढेर कर दिया गया था. इन पर 41 लाख रुपये का इनाम था. इनमें 25 लाख का इनामी रूपेश भी शामिल था. रूपेश माओवादियों की कंपनी नंबर 10 का नेतृत्व कर रहा था और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में सक्रिय था. उन्होंने कहा कि उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था.
सुकमा में नक्सलियों ने किया था सरेंडर
बता दें कि कुछ दिन पहले ही सुकमा जिले में छत्तीसगढ़ के मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर हिडमा के गांव पुरवर्ती में 15 साल से सक्रिय चार नक्सलियों ने सरेंडर किया था. पहली बार इस गांव के किसी नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इन सभी ने पुलिस की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया. नक्सलियों की बटालियन एक का कमांडर हिडमा छत्तीसगढ़ का मोस्ट वांटेड नक्सली है, जिस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक करोड़ से ज्यादा का इनाम रखा है.
इससे पहले अप्रैल में नारायणपुर जिले में डीकेएसजेडसी का सदस्य जोगन्ना मारा गया था, जबकि इसी संगठन के एक अन्य सदस्य रणधेर की 3 सितंबर को दंतेवाड़ा जिले में हत्या कर दी गई थी. डीकेएसजेडसी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के अलावा पड़ोसी आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में माओवादी गतिविधियों का प्रभारी है.

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