Mohan Yadav ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य मध्यप्रदेश को विकास, रोजगार, शिक्षा, उद्योग, आवास और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित की योजनाओं को तेजी से लागू कर रही है और सभी विभागों को परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी।
मंत्रालय में आयोजित विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव Anurag Jain सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
महिलाओं के नाम होगी स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के तहत महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में आबादी भूमि की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और पात्र परिवारों को नि:शुल्क पट्टे दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों से लगे गांवों का नियोजित विकास किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को स्कूल, खेल मैदान, दुकानों और धर्मशालाओं जैसी सुविधाएं मिल सकें।
नर्मदा उद्गम क्षेत्रों के लिए बनेगी सैटेलाइट टाउनशिप
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा सहित प्रदेश की प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करना जरूरी है। अमरकंटक क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण को रोकने के लिए उद्गम स्थलों से दूर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएगी।
नर्मदा समग्र मिशन से जुड़े कार्यों की समीक्षा के लिए प्रत्येक माह के पहले सोमवार को बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
जल संरक्षण अभियान से जुड़ेंगे आमजन
गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने “जन्मभूमि से कर्मभूमि तक” अभियान के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में वर्तमान समय में किसी भी बसाहट में जल परिवहन की आवश्यकता नहीं है और अमृत-1 व अमृत-2 योजना के तहत पेयजल एवं सीवरेज प्रबंधन के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
चित्रकूट और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि Chitrakoot Dham के समग्र विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संयुक्त बैठक होगी। मंदाकिनी नदी के जल प्रवाह को बनाए रखने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
उन्होंने Omkareshwar और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना की समीक्षा भी की गई।
धार्मिक स्थलों की व्यवस्था संभालेंगे होमगार्ड
मुख्यमंत्री ने महाकाल महालोक सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर होमगार्ड की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे होमगार्ड बल का क्षमता विकास होगा और भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
राज्य सरकार विभिन्न समाजों और संस्थाओं द्वारा बनाए जाने वाले धर्मशाला निर्माण कार्यों को भी सहयोग देगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कपास किसानों को बड़ी राहत
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत सरकार ने खंडवा और बुरहानपुर मंडियों में कपास पर लगने वाला मंडी शुल्क 1 रुपये से घटाकर 55 पैसे करने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में राहत मिलेगी और पड़ोसी महाराष्ट्र के बराबर शुल्क व्यवस्था लागू हो सकेगी।
सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होगी बॉयोमैट्रिक अटेंडेंस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में बॉयोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे पूरे प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इससे कार्यकुशलता और समयबद्धता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री स्वयं भी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति का निरीक्षण करेंगे।
युवाओं के लिए उद्योगों में बनेगा स्किल ट्रेनिंग सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योग अपने परिसर में युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र विकसित करें। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार सेक्टर आधारित ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने राजीव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन तकनीकी विश्वविद्यालयों में विभाजित करने की प्रगति की भी समीक्षा की।
प्रदेश में शुरू होंगे IVF सेंटर
निसंतानता से जूझ रहे परिवारों को राहत देने के लिए प्रदेश में IVF सेंटर स्थापित करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अलग-अलग वर्गों के छात्रावासों की जगह सभी समाजों के बच्चों के लिए कॉमन हॉस्टल संचालित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
सस्ते आवास और एआई सेंटर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरणों को आम लोगों के लिए कम लागत वाले आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पारंपरिक और पर्यावरण हितैषी निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देने की बात कही।
इसके अलावा प्रदेश में AI सेंटर, डेटा सेंटर और डीपटेक पार्क स्थापित करने की दिशा में समयसीमा तय कर काम करने के निर्देश भी दिए गए।
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