मध्य प्रदेश

जनकल्याण के कामों में तेज़ी लाने के निर्देश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स को गांवों में रात्रि विश्राम करने को कहा

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जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश

Mohan Yadav ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चल रहे विभिन्न जनकल्याण अभियानों की समीक्षा की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान, संकल्प से समाधान अभियान और अन्य सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी और तेज़ी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

जनभागीदारी बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की सफलता के लिए जनभागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता से लगातार संवाद बनाए रखें और योजनाओं में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनकर उनका समाधान करना चाहिए। इससे प्रशासन की विश्वसनीयता बढ़ेगी और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचेगा।

कलेक्टर्स को गांवों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने जिलों का भ्रमण करें। साथ ही गांवों में रात्रि विश्राम कर लोगों से सीधे संवाद स्थापित करें।

उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और जनता की वास्तविक समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी।

संकल्प से समाधान अभियान से लाखों लोगों को मिला लाभ

प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चलाए गए संकल्प से समाधान अभियान के तहत 106 प्रकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान के उद्देश्यों को आगे भी जारी रखा जाए और अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

जल गंगा संवर्धन अभियान को मिला राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

प्रदेश में जल संरक्षण के लिए 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया गया है, जो 30 जून 2026 तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जल संरक्षण के कार्यों से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इस वर्ष भी सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

गेहूं उपार्जन में छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही गेहूं खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

अब तक 1 लाख 13 हजार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। किसानों को लगभग 355 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी खरीदी केंद्रों पर छाया, पानी, बारदाना और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

सांदीपनि विद्यालयों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था के कारण अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन विद्यालयों की उपलब्धियों का राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेड वाले अस्पताल स्थापित किए जाएं। साथ ही सभी संभागीय मुख्यालयों पर बर्न यूनिट शुरू करने के निर्देश भी दिए।

ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

ज्ञान भारतम ऐप के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार ज्ञान भारतम ऐप में पुरानी पांडुलिपियों को अपलोड किया जा सकता है।

अब तक इस ऐप पर 6.5 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर समितियां गठित कर इस कार्य को तेज़ करने के निर्देश दिए।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा महिला सशक्तिकरण सम्मेलन

मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 अप्रैल को भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में महिलाओं की रैली और आमसभा भी आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश महिलाओं के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि जनकल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में सक्रिय रहकर योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें।

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