नई दिल्ली: पिछले दो सप्ताह से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा समेत कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिसके चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। हालांकि देश के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है।
कई राज्यों में आज भी बारिश और आंधी का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार रविवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और आंध्र प्रदेश सहित आठ राज्यों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रह सकते हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा प्रभावित
उत्तराखंड में खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिला। भारी बादल और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण केदारनाथ यात्रा करीब तीन घंटे तक रोकनी पड़ी।
हालांकि मौसम में कुछ सुधार होने के बाद प्रशासन ने यात्रा को दोबारा शुरू करा दिया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
देश के 36 शहरों में अब भी 40°C से अधिक तापमान
एक ओर कई राज्यों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी है।
शनिवार को देश के 36 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी सबसे अधिक बनी हुई है।
विदर्भ का चंद्रपुर जिला 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।
राजस्थान में उठा रेतीला तूफान, दिन में छाया अंधेरा
शनिवार दोपहर राजस्थान के कई जिलों में अचानक रेतीला तूफान देखने को मिला। श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में धूलभरी आंधी का असर करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में देखा गया।
जानकारी के अनुसार तूफान की शुरुआत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र से हुई। पाकिस्तान की ओर से आई तेज धूलभरी हवाओं ने इस तूफान को और अधिक ताकत दी।
इस दौरान करीब 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर दिन के समय अंधेरे जैसी स्थिति बन गई और हवा के साथ आई रेत लोगों के घरों तक पहुंच गई।
स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने पहले जैसलमेर के लिए रेतीले तूफान की चेतावनी जारी की। बाद में बीकानेर और जयपुर के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया।
4 जून तक केरल पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून तक केरल पहुंच सकता है। हालांकि इस वर्ष मानसून सामान्य से कुछ कमजोर रहने की आशंका भी जताई गई है।
IMD के अनुसार जून से सितंबर के बीच देश में औसत से कम वर्षा हो सकती है। इस बार मानसून सीजन में लगभग 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया है।
सामान्य तौर पर भारत में मानसून के दौरान लगभग 87 सेंटीमीटर वर्षा होती है। ऐसे में इस बार औसत से कम बारिश की संभावना कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
किन राज्यों में सामान्य बारिश की उम्मीद?
मौसम विभाग के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश में सामान्य वर्षा होने की संभावना है।
हालांकि देश के कई अन्य हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है। विशेष रूप से वे क्षेत्र, जहां खेती काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है, वहां असर अधिक दिखाई दे सकता है।
1 जून का मौसम पूर्वानुमान
- बिहार में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में आंधी और बारिश का अनुमान है।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बारिश हो सकती है।
- पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेज हवाओं और वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
2 जून का मौसम पूर्वानुमान
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
- महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
- कुछ इलाकों में भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
निष्कर्ष
देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण भीषण गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट के साथ लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन आंधी, तेज हवाओं और रेतीले तूफान जैसी मौसम संबंधी चुनौतियां भी सामने आई हैं। वहीं, मौसम विभाग की नजर अब मानसून की प्रगति पर है, जो आने वाले दिनों में देश के मौसम और कृषि दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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