मध्यप्रदेश में खेल और जल संरक्षण पर सरकार का फोकस
Mohan Yadav ने प्रदेश के विकास को लेकर दो बड़े क्षेत्रों—खेल और जल संरक्षण—पर विशेष जोर दिया है। हाल ही में उज्जैन दौरे के दौरान उन्होंने खेल सुविधाओं के विस्तार और जल बचाने की दिशा में चल रहे अभियानों को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
खेल सुविधाओं का लगातार विस्तार
Ujjain में आयोजित फिरोजिया ट्रॉफी के फाइनल मैच में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि खिलाड़ियों को हर स्तर पर आधुनिक खेल सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन मिलें।
- क्षीर सागर मैदान का किया जाएगा आधुनिकीकरण
- नगर निगम और खेल विभाग मिलकर करेंगे विकास
- विजेता टीम को ₹1 लाख और उपविजेता को ₹51 हजार का अतिरिक्त पुरस्कार
यह प्रतियोगिता पिछले 21 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही है, जिसमें इस बार महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी शामिल किया गया।
खेल प्रतिभाओं को मिल रहा नया मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह संकेत है कि आने वाले समय में प्रदेश स्पोर्ट्स हब के रूप में उभर सकता है।
जल संरक्षण बना जन-आंदोलन
दूसरी बड़ी घोषणा में मुख्यमंत्री ने जल संकट को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि “पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी”।
प्रदेश में चल रहा
👉 जल गंगा संवर्धन अभियान
अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
अभियान की बड़ी उपलब्धियां
- शुरुआत: 19 मार्च 2026
- कुल लक्ष्य: ₹6278 करोड़
- 2.44 लाख से अधिक जल संरचना कार्य चिन्हित
- 39,977 खेत तालाब निर्माण
- 59,577 कूप-रीचार्ज संरचनाएं
- 21,950 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन
इस अभियान की वजह से मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय रैंकिंग छठे से तीसरे स्थान पर पहुंच गई।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में काम
ग्रामीण क्षेत्र:
- पंचायत विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर जल संरचना निर्माण
- अमृत सरोवर और तालाबों का विकास
शहरी क्षेत्र:
- तालाब, कुएं और बावड़ियों का संरक्षण
- रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
- गर्मी में प्याऊ की व्यवस्था
टेक्नोलॉजी से निगरानी
अभियान की मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड और मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है, जिससे
✔ पारदर्शिता बढ़ी
✔ विभागों में प्रतिस्पर्धा आई
✔ काम की गुणवत्ता बेहतर हुई
जनता की भागीदारी भी अहम
- 5.25 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी
- 2682 जल मंदिर (प्याऊ) स्थापित
- स्कूलों में रैलियां, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएं
पर्यावरण और भविष्य की दिशा
वन और पर्यावरण विभाग भी इस अभियान में शामिल है, जहां
- जल गुणवत्ता परीक्षण
- पौधरोपण
- पारिस्थितिक संतुलन पर काम किया जा रहा है
मध्यप्रदेश सरकार एक तरफ खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जल संरक्षण को जन-आंदोलन बना रही है।
CM डॉ. मोहन यादव के ये कदम दिखाते हैं कि राज्य युवा विकास और पर्यावरण संतुलन—दोनों पर बराबर ध्यान दे रहा है।

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