नौतपा के दौरान देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को होता है। तेज धूप, गर्म हवाएं और शरीर में पानी की कमी बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक का शिकार बना सकती है। इसलिए हर माता-पिता के मन में यह सवाल रहता है कि नौतपा में बच्चों को लू से कैसे बचाएं। यदि सही समय पर सावधानी बरती जाए तो बच्चों को गर्मी से होने वाली गंभीर परेशानियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। आइए जानते हैं हीट स्ट्रोक के लक्षण, इसके कारण और बचाव के प्रभावी उपाय।
नौतपा 2026 में क्यों बढ़ी चिंता?
इस वर्ष देश के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा सकती है।
नौतपा क्या है?
नौतपा गर्मी के मौसम का वह समय होता है जब सूर्य की तपिश सबसे अधिक महसूस होती है। इस दौरान दिन का तापमान तेजी से बढ़ता है और लू चलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
नौतपा में बच्चों को लू से कैसे बचाएं?
यदि आप जानना चाहते हैं कि नौतपा में बच्चों को लू से कैसे बचाएं, तो सबसे पहले शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए।
1. बच्चों को बार-बार पानी पिलाएं
गर्मी में बच्चे अक्सर खेलते समय पानी पीना भूल जाते हैं। इसलिए उन्हें नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
इसके अलावा आप ये पेय पदार्थ भी दे सकते हैं:
- नारियल पानी
- छाछ
- नींबू पानी
- ताजे फलों का जूस
- ओआरएस घोल
2. दोपहर की धूप से बचाएं
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक तेज होती है।
इस दौरान बच्चों को बाहर खेलने न दें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो टोपी और छाते का उपयोग करें।
3. हल्के और सूती कपड़े पहनाएं
ढीले और सूती कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
साथ ही हल्के रंग के कपड़े गर्मी को कम अवशोषित करते हैं।
4. घर का वातावरण ठंडा रखें
गर्मी के दिनों में घर के अंदर पर्याप्त हवा का इंतजाम होना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर पंखा, कूलर या एसी का उपयोग किया जा सकता है।
बच्चों में हीट स्ट्रोक क्या होता है?
जब शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तब हीट स्ट्रोक की स्थिति पैदा होती है।
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
नौतपा के दौरान बच्चों में डिहाइड्रेशन के संकेत
- बार-बार प्यास लगना
- मुंह सूखना
- पेशाब कम आना
- आंखें धंसी हुई दिखना
- सुस्ती महसूस होना
बच्चों में हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
यदि बच्चा गर्मी में अधिक समय बिताता है, तो निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- तेज बुखार
- चक्कर आना
- सिरदर्द
- उल्टी या मतली
- अत्यधिक कमजोरी
- त्वचा का गर्म और सूखा होना
- बेहोशी
- भ्रम की स्थिति
यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत कार्रवाई करें।
किन बच्चों को हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है?
- 5 साल से कम उम्र के बच्चे
- मोटापे से ग्रस्त बच्चे
- अस्थमा वाले बच्चे
- लंबे समय तक बाहर खेलने वाले बच्चे
हीट स्ट्रोक होने पर क्या करें?
सबसे पहले बच्चे को ठंडी जगह पर ले जाएं।
इसके बाद निम्न कदम उठाएं:
- अतिरिक्त कपड़े ढीले करें।
- ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
- ओआरएस या पानी दें।
- शरीर का तापमान कम करने की कोशिश करें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
नौतपा में बच्चों की डाइट कैसी होनी चाहिए?
नौतपा के दौरान बढ़ती गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल सकती है। इस मौसम में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों की डाइट ऐसी होनी चाहिए जो शरीर को ठंडक दे, पानी की कमी न होने दे और आवश्यक पोषण भी प्रदान करे।
1. बच्चों को पर्याप्त तरल पदार्थ दें
गर्मी के दिनों में शरीर से पसीने के रूप में काफी पानी निकल जाता है। ऐसे में बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना जरूरी है।
बच्चों की डाइट में शामिल करें:
- सादा पानी
- नींबू पानी
- नारियल पानी
- छाछ
- ओआरएस घोल (डॉक्टर की सलाह पर)
ये पेय पदार्थ शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
2. पानी से भरपूर फल खिलाएं
गर्मी में ऐसे फल बच्चों के लिए फायदेमंद होते हैं जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। ये शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं।
बेहतर विकल्प:
- तरबूज
- खरबूजा
- खीरा
- संतरा
- मौसंबी
इन फलों का नियमित सेवन बच्चों को गर्मी के प्रभाव से बचाने में मदद कर सकता है।
3. हल्का और सुपाच्य भोजन चुनें
नौतपा के दौरान भारी और तला-भुना भोजन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए बच्चों को हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना बेहतर होता है।
डाइट में शामिल करें:
- दाल
- खिचड़ी
- दलिया
- ओट्स
- घर का बना हल्का भोजन
4. दही और रायता को बनाएं डाइट का हिस्सा
दही शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है। दोपहर के भोजन में दही या रायता शामिल करना लाभदायक हो सकता है।
5. मौसमी हरी सब्जियां खिलाएं
लौकी, तुरई, टिंडा और कद्दू जैसी सब्जियों में पानी की मात्रा अधिक होती है। ये शरीर को ठंडा रखने और पोषण देने में मदद करती हैं।
बच्चों को क्या नहीं खिलाना चाहिए?
नौतपा के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से बचना भी जरूरी है।
- कोल्ड ड्रिंक्स
- पैकेज्ड जूस
- ज्यादा तला-भुना भोजन
- अत्यधिक मसालेदार खाना
- जंक फूड
इन चीजों का अधिक सेवन डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
यदि बच्चे में ये लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें:
- लगातार तेज बुखार
- सांस लेने में परेशानी
- बेहोशी
- बार-बार उल्टी
- दौरे पड़ना
- असामान्य व्यवहार
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) के अनुसार, गर्मी और हीटवेव के दौरान बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाने, धूप में खेलने का समय सीमित करने और हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर की सलाह
बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बच्चे में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य गर्मी की समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह
गर्मी के मौसम में बच्चों को बाहर खेलने से पहले और बाद में पानी जरूर पिलाएं। यदि बच्चा अत्यधिक पसीना बहा रहा है, तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार ओआरएस या अन्य तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं।
हाल के वर्षों में भारत में हीटवेव की घटनाएं बढ़ी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों में शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। इसलिए नौतपा के दौरान उनकी हाइड्रेशन, खानपान और बाहरी गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
नौतपा के दौरान माता-पिता के लिए जरूरी सुझाव
गर्मी के मौसम में थोड़ी सी सावधानी बच्चों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
इसलिए:
- पर्याप्त पानी पिलाएं।
- धूप में जाने से बचाएं।
- पौष्टिक भोजन दें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- हीट स्ट्रोक के लक्षणों पर नजर रखें।
निष्कर्ष
यदि आप सोच रहे हैं कि नौतपा में बच्चों को लू से कैसे बचाएं, तो इसका सबसे आसान जवाब है—बच्चों को हाइड्रेट रखें, धूप से बचाएं और हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचानें। सही समय पर की गई सावधानी बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रख सकती है।
FAQs
लू गर्म हवाओं के प्रभाव से होने वाली समस्या है, जबकि हीट स्ट्रोक शरीर के तापमान के अत्यधिक बढ़ जाने की गंभीर स्थिति है।
हाँ, यदि कमरा बहुत गर्म हो और पर्याप्त हवा या ठंडक न हो तो जोखिम बना रहता है।
बच्चे को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर का तापमान कम करने की कोशिश करनी चाहिए।
हाँ, नारियल पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने में मदद करता है।
बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी देना चाहिए। गर्मी में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तरल पदार्थ जरूरी होते हैं।
लेखक: अर्चना श्रीवास्तव
संपादकीय टीम: indiantoppost.com
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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