भोपाल/अशोकनगर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से पारंपरिक खेती तक सीमित न रहते हुए फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि खेती में नई तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल से किसानों के लिए समृद्धि के नए रास्ते खुल रहे हैं। आने वाले समय में कृषि उद्योग ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसान फसल उत्पादन के साथ दुग्ध उत्पादन और मछली पालन जैसी गतिविधियां अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
अशोकनगर के किसानों को बताया प्रदेश के लिए मिसाल
मुख्यमंत्री ने अशोकनगर के किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि जिले के अन्नदाता प्रदेश के अन्य किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं। उन्होंने चंदेरी साड़ी और शरबती गेहूं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी वजह से अशोकनगर को विशेष पहचान मिली है। जिले के शरबती गेहूं की देशभर में मांग है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अशोकनगर के किसानों में अब धनिया और गुलाब जैसी उद्यानिकी फसलों को लेकर भी रुचि बढ़ रही है। कम बारिश की चुनौती के बीच किसानों ने डीआरएस तकनीक का उपयोग कर धान की रोपाई का रकबा बढ़ाया है। वहीं, फसल विविधीकरण के कारण जिले में चना और मसूर का रकबा भी बढ़ा है।
उन्होंने किसानों के इन प्रयासों को चुनौती को अवसर में बदलने का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्लोबल स्किल्स पार्क में 550 प्रशिक्षुओं से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क पहुंचे। यहां आयोजित प्रशिक्षुओं के अभिमुखीकरण समारोह में उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में करीब 550 प्रशिक्षुओं की सहभागिता प्रस्तावित थी।
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल स्किल्स पार्क में संचालित प्रशिक्षण व्यवस्था और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
कौशल प्रशिक्षण और रोजगार पर रहा फोकस
ग्लोबल स्किल्स पार्क में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का प्रमुख फोकस युवाओं के कौशल विकास और उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करने पर रहा। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षुओं से उनके प्रशिक्षण और अनुभवों को लेकर संवाद किया।
इससे पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री को पार्क की अकादमिक लैब और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का अवलोकन करने के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेना निर्धारित था। उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से कौशल प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को तैयार करने से जुड़े विषयों पर चर्चा भी कार्यक्रम में शामिल थी।
आधुनिक तकनीकी कौशल से युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में युवाओं को उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है। यहां एडवांस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग, ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी तथा मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सर्विसेज जैसे तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
ग्लोबल स्किल्स पार्क का उद्देश्य युवाओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक मशीनों और तकनीकी उपकरणों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उद्योगों में रोजगार के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा कौशल विकास, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम के दौरान किया गया वृक्षारोपण भी मुख्यमंत्री के दौरे की गतिविधियों में शामिल रहा।
जवान और किसान दोनों देश के लिए समर्पित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान, महिला, गरीब और युवा राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं। किसान के समृद्ध और खुशहाल होने से ही समाज अन्न और धन-धान्य से परिपूर्ण रह सकता है।
उन्होंने सीमा पर तैनात जवान और खेत में काम करने वाले किसान की भूमिका को समान बताते हुए कहा कि दोनों ही देश के प्रति समर्पित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और सरकार किसान हित में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान स्वावलंबन का प्रतीक है। वह अपने परिवार के साथ पूरे समाज के लिए अन्न का उत्पादन करता है। खेती को लाभप्रद बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में बिजली और पानी की व्यवस्था बेहतर करने के साथ खेतों तक सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
किसानों के लिए बिजली, सिंचाई और मुआवजे से जुड़े दावे
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए साल में एक बार खाते को क्लियर करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए पांच, सात और दस हॉर्स पावर के बिजली पंप उपलब्ध कराने में बड़ी राशि की सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों के लिए राज्य सरकार का सहयोग बताया।
किसानों की आने वाली पीढ़ी के लिए शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि से प्रदेश के भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। इसके साथ ही सांदीपनि विद्यालयों सहित प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
किसानों से किया संवाद, त्योहारों की दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में उपस्थित किसानों से वर्चुअली संवाद किया। उन्होंने किसानों और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी, बलराम जयंती और रक्षाबंधन सहित आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में विधायक हेमंत खंडेलवाल और किसान जयपाल चावड़ा उपस्थित रहे। मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव तथा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष धर्मवीर रघुवंशी ने अशोकनगर को विभिन्न सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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