कई राज्यों में बारिश का नया दौर, मुंबई में रेड अलर्ट
देशभर में सक्रिय मानसून अब और अधिक प्रभावी हो गया है। पिछले कुछ दिनों से गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के बाद अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई इलाकों के लिए नया अलर्ट जारी किया है।
यदि आपने हमारा पिछला लेख “देशभर में बदला मौसम का मिजाज: कहीं बाढ़ तो कहीं भारी बारिश” पढ़ा है, तो उसमें हमने बताया था कि किस तरह मानसून ने गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित कर दिया था। अब मौसम विभाग के नए अपडेट से साफ है कि बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है।
मुंबई में रेड अलर्ट, जनजीवन प्रभावित
IMD ने मुंबई और आसपास के महानगरीय क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है। एहतियात के तौर पर लोगों को आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
पुणे में बाउंड्री वॉल पार्किंग शेड पर गिरने से करीब 14 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। सड़क यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कुछ उड़ानों और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। महाराष्ट्र के पुणे में समृद्धि लेक सोसाइटी की बाउंड्री वॉल पार्किंग शेड पर गिर गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और पानी भरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
गुजरात और मध्य भारत में भी बारिश का असर बरकरार
गुजरात में दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और जलभराव की चेतावनी भी दी है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी अगले 24 से 48 घंटों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों से मौसम अपडेट देखकर ही सफर करने की अपील की है।
देशभर में बारिश का ताजा हाल: किस राज्य में क्या है स्थिति?
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश के कारण कहीं नदियां उफान पर हैं, तो कहीं भूस्खलन और जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
● जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में भूस्खलन, कई वाहन मलबे में दबे
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के बाद बड़ा लैंडस्लाइड हुआ। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे कई वाहन दब गए। प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और रास्ता बहाल करने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
● उत्तराखंड: अलकनंदा नदी खतरे के निशान के करीब
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने से कई घाट जलमग्न हो गए हैं। रामघाट क्षेत्र में स्थित भगवान शिव की प्रतिमा भी पानी में डूब गई, जिससे स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे जाने से लोगों को मना किया है।
● महाराष्ट्र: वसई-विरार में जलभराव, मुंबई-गोवा हाईवे का हिस्सा धंसा
महाराष्ट्र के वसई-विरार में लगातार बारिश के कारण लिंक रोड और स्टेशन रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इधर रत्नागिरी जिले में कशेड़ी घाट के पास मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा धंस गया। सड़क में बड़ी दरार आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओर से यातायात रोक दिया है। वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को भेजा जा रहा है।
● पंजाब: गुरदासपुर में तेज बारिश से घरों में घुसा पानी
पंजाब के गुरदासपुर जिले में हुई तेज बारिश के बाद कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कुछ कॉलोनियों और घरों में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई। प्रशासन जल निकासी की व्यवस्था सुधारने में जुटा हुआ है।
● मध्य प्रदेश: 23 जिलों में बारिश का अलर्ट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी उफान पर
मध्य प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जुलाई महीने में अब तक औसतन लगभग 6.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है।
उज्जैन में क्षिप्रा नदी के उफान पर आने से रामघाट के आसपास स्थित कई छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में कहां-कहां बारिश का अलर्ट? देखें IMD का ताजा मैप
भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी इस अलर्ट मैप में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों की मौसम स्थिति रंगों के माध्यम से दिखाई गई है। पीले (Yellow) रंग वाले जिलों में बारिश और गरज-चमक को लेकर वॉच (Watch) जारी की गई है, जबकि नारंगी (Orange) रंग वाले जिलों में अलर्ट (Alert) जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना अधिक है।
राज्य में जुलाई की शुरुआत से लगातार बारिश हो रही है और कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने, जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

ध्यान दें: मौसम विभाग समय-समय पर अलर्ट अपडेट करता है। इसलिए यात्रा या खेती से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अपने जिले का नवीनतम मौसम बुलेटिन अवश्य देखें।
देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आ रही ये तस्वीरें साफ बताती हैं कि मानसून अब अपने सबसे सक्रिय चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना, अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सभी के लिए जरूरी हो गया है। किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को आने वाले दिनों में मौसम के हर अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
किसानों और यात्रियों को क्या करना चाहिए?
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक बारिश का दौर कई राज्यों में जारी रह सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम पूर्वानुमान देखकर ही बुवाई, खाद और कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए। वहीं यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा से पहले सड़क और रेल सेवाओं की स्थिति अवश्य जांच लेनी चाहिए।
इससे पहले क्या हुआ था?
पिछले अपडेट में हमने बताया था कि गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, महाराष्ट्र के भिवंडी में जलभराव, मध्य प्रदेश के उज्जैन में तेज बहाव, राजस्थान के अस्पतालों में पानी भरने और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया था। अब IMD का नया अलर्ट संकेत देता है कि मानसून का यह सक्रिय चरण अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है।
देशभर में मानसून की शुरुआती स्थिति
यदि आपने अभी तक देशभर में मानसून की शुरुआती स्थिति और विभिन्न राज्यों में बाढ़, लैंडस्लाइड व भारी बारिश की पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है, तो हमारा विस्तृत लेख भी पढ़ें, जिसमें राज्यों के अनुसार मौसम की पूरी जानकारी और किसानों के लिए उपयोगी सलाह दी गई है।
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