Update 28 June: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के बाद शनिवार को एक और भूकंप आया। दो विनाशकारी भूकंपों से तबाह हुए वेनेजुएला में स्थानीय समानुसार शुक्रवार दोपहर एक और भूकंप आया। देश के उत्तरी तट के पास इस भूकंप की तीव्रता 4.9 रिक्टर मापी गई। रॉयटर्स के मुताबिक इसके झटके राजधानी कराकास और माराके में भी महसूस किए गए।
भूकंप के बाद कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजन की तलाश कर रहे हैं।
भूकंप के तीन दिन बाद भी बढ़ रहा मौत का आंकड़ा
भूकंप के तीन दिन बाद भी वेनेजुएला में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है। वहीं 3,360 से अधिक लोग घायल हैं और 51,700 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को मलबे से जीवित निकाला जा चुका है। हालांकि कई इमारतों का मलबा अभी तक पूरी तरह नहीं हटाया जा सका है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
राहत टीमों की कमी, परिजन खुद हटा रहे मलबा
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दलों की कमी साफ दिखाई दे रही है। कई जगह स्थानीय लोग अपने परिजनों की तलाश के लिए खुद ही मलबा हटाने में जुटे हैं। हथौड़ों, फावड़ों और अन्य साधारण औजारों की मदद से परिवार के सदस्य ढही हुई इमारतों के बीच अपनों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। यह दृश्य आपदा की भयावहता और राहत कार्यों के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों को दर्शाता है।
67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत भेजी राहत सामग्री
वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान 35 टन से अधिक राहत सामग्री और भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो चुके हैं। इस सहायता अभियान का उद्देश्य प्रभावित लोगों तक तत्काल चिकित्सा सुविधाएं, आवश्यक राहत सामग्री और मानवीय मदद पहुंचाना है। विदेश मंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में भारत वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
दुनिया भर से वेनेजुएला को मिल रही मदद
वेनेजुएला में राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए दुनिया के कई देशों ने अपने विशेषज्ञ दल भेजे हैं। वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों के 861 से अधिक बचावकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटे हुए हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने भी मानवीय सहायता बढ़ाते हुए 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के लगभग 1,000 आपातकालीन कर्मियों को भेजने की घोषणा की है।
प्रभावित इलाकों में लगातार भारी मशीनें, दमकल दल और विशेष आपदा राहत टीमें पहुंच रही हैं ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। इस बीच, अमेरिका ने राहत कार्य को सुचारु बनाने के लिए वेनेजुएला पर लागू कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का भी फैसला किया है, जिससे मानवीय सहायता तेजी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सके।
इससे पहले वेनेजुएला में दो बड़े भूकंपों से मची थी तबाही
शुक्रवार 26 जून 2026: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। कुछ ही सेकंड के अंतराल में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के झटकों ने राजधानी कराकास (Caracas) समेत कई इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया। वैज्ञानिकों के अनुसार यह पिछले 125 वर्षों में वेनेजुएला का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है।
मृतकों की संख्या बढ़ सकती है
स्थानीय प्रशासन के अनुसार अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 1,520 से अधिक लोग घायल हुए हैं और करीब 200 लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
हालांकि राहत एजेंसियों का कहना है कि यह संख्या अभी अंतिम नहीं है। कई इलाकों में बचाव दल अभी तक पूरी तरह पहुंच भी नहीं पाए हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
35 हजार से अधिक लोगों के लापता होने का दावा
विपक्षी नेताओं और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा साझा किए गए एक ऑनलाइन ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर 35,000 से अधिक लोगों को लापता बताया गया है।
हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। प्रशासन लगातार लोगों से आधिकारिक हेल्पलाइन और सरकारी चैनलों के जरिए जानकारी साझा करने की अपील कर रहा है।
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सबसे ज्यादा नुकसान ला गुएरा और कराकास में
सबसे अधिक नुकसान ला गुएरा (La Guaira) और राजधानी कराकास में दर्ज किया गया है।
- कई बहुमंजिला इमारतें गिर गईं।
- सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
- कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है।
- सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
कराकास के मुख्य हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचने के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
मलबे में अपनों की तलाश जारी
भूकंप के कई घंटे बाद भी लोग अपने परिजनों की तलाश में मलबा हटाते दिखाई दिए।
कई स्थानों पर भारी मशीनें समय पर नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवक अपने हाथों से ही पत्थर और कंक्रीट हटाकर लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई इलाकों का दृश्य किसी भयावह फिल्म जैसा दिखाई दे रहा है।
USGS ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अपनी प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि इस आपदा में मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है।
एजेंसी के मॉडल के अनुसार यदि दूरदराज के प्रभावित क्षेत्रों से पूरी जानकारी सामने आती है, तो नुकसान का वास्तविक स्तर अभी सामने आए आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंचनी शुरू
भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सहायता की घोषणा की है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अंतरराष्ट्रीय राहत टीमों की तैनाती शुरू कर दी है। वहीं अमेरिका ने भी खोज एवं बचाव दल भेजने की घोषणा की है। इसके अलावा कई देशों ने राहत सामग्री और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया.
पहले से आर्थिक संकट झेल रहा था वेनेजुएला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आपदा ऐसे समय आई है जब वेनेजुएला पहले ही लंबे समय से आर्थिक संकट, कमजोर बुनियादी ढांचे और मानवीय चुनौतियों से जूझ रहा है।
इसी वजह से राहत और बचाव कार्य भी अपेक्षा से धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। कई इलाकों तक भारी मशीनें और चिकित्सा सहायता पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।
राहत अभियान जारी, बढ़ सकती है तबाही की तस्वीर
राहत एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। कई इमारतों में अभी भी जीवन के संकेत मिलने की खबरें हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे हताहतों की संख्या और वास्तविक नुकसान का आंकड़ा भी बदल सकता है। फिलहाल पूरे देश में आपातकालीन राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

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