मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 अगस्त को भोपाल के तात्या टोपे स्टेडियम से ‘हर घर तिरंगा अभियान-तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों ने तिरंगा यात्रा में भाग लिया।
प्रदेश में यह अभियान 9 से 14 अगस्त तक चलेगा। इसके अंतर्गत गांवों, वार्डों, कस्बों और शहरों में तिरंगा यात्राओं सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने और अभियान में भाग लेने की अपील की है।
यह अभियान केवल स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित होने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सेनानियों और क्रांतिकारियों के संघर्ष को याद करने का संदेश भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री निवास पर तिरंगा लगाकर अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री निवास पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री निवास के कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयघोष के साथ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समत्व भवन तक पैदल मार्च किया।
मुख्यमंत्री यहां से मोटरसाइकिल पर तिरंगा लेकर तात्या टोपे स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम में उन्होंने तिरंगा यात्रा शुरू करने की औपचारिक घोषणा की और यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, हेमंत खण्डेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्कूली बच्चों और NCC कैडेट्स ने भी लिया हिस्सा
टी.टी. नगर स्टेडियम से शुरू हुई तिरंगा यात्रा में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेट्स के साथ स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक, न्यू मार्केट और माता मंदिर क्षेत्र के व्यापारी तथा स्थानीय लोग भी यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यात्रा स्टेडियम से महाराणा प्रताप लोक, टीन शेड और सांदीपनि विद्यालय टी.टी. नगर तक पहुंची।
इसके बाद मुख्यमंत्री मोटरसाइकिल पर तिरंगा लेकर न्यू मार्केट, रोशनपुरा और पॉलिटेक्निक चौराहा होते हुए मुख्यमंत्री निवास पहुंचे।
यात्रा के रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर लोगों और संस्थाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। न्यू मार्केट व्यापार संरक्षण समिति सहित विभिन्न संस्थाओं की ओर से देशभक्ति की धुनों के बीच पुष्प वर्षा भी की गई।
हर घर तिरंगा अभियान-तिरंगा यात्रा
9 से 14 अगस्त तक मध्य प्रदेश में क्या होगा?
हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन मध्य प्रदेश में 9 अगस्त से 14 अगस्त तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार अभियान को केवल भोपाल तक सीमित नहीं रखा गया है।
प्रदेश के गांवों, वार्डों, कस्बों और शहरों में तिरंगा यात्राएं और इससे जुड़ी दूसरी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस से पहले लोगों, खासकर नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े मूल्यों से जोड़ना है।
ऐसे में आम नागरिक भी अपने घर या प्रतिष्ठान पर तिरंगा लगाकर अभियान में भाग ले सकते हैं। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाली तिरंगा यात्राओं और अन्य कार्यक्रमों में भी लोग शामिल हो सकते हैं।
भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ से जोड़ा अभियान
9 अगस्त का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में विशेष महत्व है। 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन ने व्यापक जनआंदोलन का रूप लिया था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसी ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ देशव्यापी जनभावना को मजबूत किया था।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों और अहिंसक आंदोलनों के योगदान को याद करते हुए कहा कि हर घर तिरंगा अभियान उनके संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।
इस संदर्भ के कारण 9 अगस्त से शुरू होने वाला अभियान स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के स्वतंत्रता संघर्ष की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनता है।
घर पर तिरंगा लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेते समय राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। भारत में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन और उपयोग से जुड़े नियम Flag Code of India, 2002 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत आते हैं।
घर पर तिरंगा लगाते समय उसका सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए। क्षतिग्रस्त या अस्त-व्यस्त राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए और उसे ऐसी स्थिति में नहीं रखना चाहिए जिससे उसकी गरिमा प्रभावित हो।
अभियान समाप्त होने के बाद भी तिरंगे को सामान्य कचरे की तरह फेंकना उचित नहीं है। राष्ट्रीय ध्वज को संभालने और उसके निस्तारण में निर्धारित सम्मानजनक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
इसलिए हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी केवल तिरंगा लगाने तक सीमित न होकर उसके प्रति सम्मान और जिम्मेदारी से भी जुड़ी है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की क्षमता का किया उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में दुनिया भारत के सामर्थ्य का अनुभव कर रही है। मुख्यमंत्री ने अमृतकाल 2047 का उल्लेख करते हुए ‘जियो और जीने दो’ तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ जैसे विचारों के साथ भारत के आगे बढ़ने की बात कही।
उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता के अधिकारों के साथ नागरिक जिम्मेदारियों को भी समझने और देश की सुरक्षा एवं सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने की अपील की।
भोपाल को कोलकाता और पटना से एयर कनेक्टिविटी मिलने का भी जिक्र
तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार भोपाल को कोलकाता और पटना से हवाई संपर्क मिलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक उड़ान भोपाल से रीवा होते हुए कोलकाता जाएगी, जबकि दूसरी उड़ान भोपाल को सीधे पटना से जोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने भविष्य में प्रदेश में लगभग 10 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाने की योजना का भी उल्लेख किया।
यह विषय तिरंगा अभियान से अलग है, लेकिन मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की चर्चा करते हुए इसकी जानकारी दी।
हर घर तिरंगा अभियान का आम लोगों के लिए क्या महत्व है?
स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराना लंबे समय से राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा रहा है। हर घर तिरंगा जैसे अभियान इसे व्यक्तिगत और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ते हैं।
विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए तिरंगा यात्राएं स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय ध्वज और देश के इतिहास के बारे में जानने का अवसर बन सकती हैं।
वहीं स्थानीय व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की भागीदारी किसी सरकारी कार्यक्रम को सामुदायिक आयोजन का रूप देती है।
हालांकि इसकी सार्थकता तभी बढ़ती है जब तिरंगा लगाने के साथ उसके इतिहास, सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जुड़ी नागरिक जिम्मेदारियों को भी समझा जाए।
निष्कर्ष
भोपाल से शुरू हुई हर घर तिरंगा यात्रा के साथ मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित होने वाली गतिविधियों का सिलसिला शुरू हो गया है। 9 से 14 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा यात्राएं और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने और अभियान में उत्साह से भाग लेने की अपील की है।
इस अभियान का संदेश केवल घर पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने तक सीमित नहीं है। स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को याद करना, नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन से परिचित कराना और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना भी इसकी भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
FAQ
हर घर तिरंगा अभियान मध्य प्रदेश में कब तक चलेगा?
मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में अभियान 9 अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगा।
भोपाल में तिरंगा यात्रा कहां से शुरू हुई?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मुख्य तिरंगा यात्रा टी.टी. नगर स्थित तात्या टोपे स्टेडियम से शुरू हुई।
हर घर तिरंगा अभियान में आम नागरिक कैसे शामिल हो सकते हैं?
लोग अपने घर या प्रतिष्ठान पर सम्मानपूर्वक तिरंगा लगा सकते हैं और अपने क्षेत्र में आयोजित तिरंगा यात्रा या अन्य गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।
9 अगस्त का स्वतंत्रता आंदोलन से क्या संबंध है?
9 अगस्त 1942 भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीख है। इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ देशव्यापी संघर्ष को नई गति दी थी।
तिरंगा लगाने के बाद क्या उसे सामान्य कचरे में फेंक सकते हैं?
नहीं। राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। खराब या उपयोग के बाद तिरंगे का निस्तारण भी सम्मानजनक तरीके और लागू नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए।

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