अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। रविवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस की 6 टीमों ने एक साथ जेल में बंद 8 आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों के परिवार वालों से पूछताछ की गई। पुलिस ने पड़ोसियों से भी सवाल-जवाब किए, ताकि आरोपियों की गतिविधियों और संभावित बरामदगी से जुड़ी जानकारी मिल सके।
इस कार्रवाई में पुलिस के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी, खासकर लेखपाल भी शामिल रहे। माना जा रहा है कि जांच टीम आरोपियों की संपत्ति, घरों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
टिन्नू के घर पहुंची पुलिस, लेकिन ताला बंद मिला
छापेमारी के दौरान पुलिस रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर भी पहुंची। टिन्नू इस मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस को उसके घर पर ताला बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घर बंद कब से है, परिवार के लोग कहां हैं और क्या घर में कोई संदिग्ध गतिविधि हाल के दिनों में देखी गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि चढ़ावे की चोरी से जुड़ा हिस्सा या उससे संबंधित कोई अहम सुराग आरोपियों के घरों से मिल सकता है।
पहले क्या हुआ था?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली FIR 25 जून को दर्ज हुई थी। इस FIR में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इस पूरे मामले की शुरुआती रिपोर्ट आप यहां पढ़ सकते हैं: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 8 लोगों पर FIR, SIT जांच शुरू
8 आरोपियों के घरों पर एक साथ दबिश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहले ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस इन आरोपियों के घरों और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना है कि चोरी की गई कथित रकम या बहुमूल्य वस्तुओं का कोई हिस्सा आरोपियों के घरों में छिपाया गया है या नहीं।
पुलिस ने परिवार के सदस्यों से यह भी पूछा कि आरोपियों की आमदनी, रहन-सहन और हाल के दिनों में उनके खर्च में कोई बड़ा बदलाव दिखा या नहीं। पड़ोसियों से भी इसी तरह की जानकारी जुटाई गई।
अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित घर पर भी पहुंची पुलिस
पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित घर पर भी पहुंची। उनके नहीं मिलने पर पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय लोगों के अनुसार, अविनाश शुक्ला कौशलपुरी में रहते थे और एक योगा सेंटर से भी जुड़े हुए बताए जाते हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी केवल कौशलपुरी में रहते थे या अपने गांव के घर पर भी लगातार आते-जाते थे। जांच टीम आरोपियों की लोकेशन, संपर्क और आर्थिक गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
धीरेंद्र शास्त्री हुए भावुक, बोले- यह श्रद्धा और भरोसे की चोरी है
इसी मामले को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इंडोनेशिया के जकार्ता में एक कार्यक्रम के दौरान वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी केवल पैसों की चोरी नहीं है, बल्कि लाखों-करोड़ों भक्तों की श्रद्धा और भरोसे की चोरी है।
उन्होंने कहा कि रावण ने माता जानकी का हरण किया था और उसका परिणाम पूरे परिवार के नाश के रूप में सामने आया। चढ़ावा चोरी करने वाले लोग सरकारी दंड तो पाएंगे ही, भगवान का भी महादंड पाएंगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि अभी जांच और होनी चाहिए, क्योंकि उन्हें लगता है कि इस मामले में आगे और लोग भी पकड़े जा सकते हैं।
25 जून को दर्ज हुई थी FIR
इस मामले में 25 जून को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 26 जून को सीजेएम कोर्ट ने आरोपियों को तीन दिन के लिए जेल भेज दिया।
FIR दर्ज होने के बाद से ही यह मामला लगातार चर्चा में है। चढ़ावे की चोरी से जुड़ा मामला केवल आर्थिक अनियमितता नहीं माना जा रहा, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बन गया है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर ट्रस्ट का बयान
इस पूरे मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ा बड़ा घटनाक्रम भी सामने आया है। ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि कर दी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि त्यागपत्र मिला है और 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने भक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिन श्रद्धालुओं ने चांदी की ईंटें, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य वस्तुएं प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पित की हैं, वे सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं।
जांच अब कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब जांच केवल FIR और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। पुलिस अब आरोपियों के घरों, संपत्ति, बैंकिंग गतिविधियों, पारिवारिक संपर्कों और संभावित बरामदगी पर ध्यान दे रही है।
छापेमारी में राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक स्थिति की भी पड़ताल कर सकती हैं। पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या कथित चोरी का हिस्सा किसी घर, रिश्तेदार या अन्य ठिकाने पर रखा गया है।
भक्तों की नजर अब 11 जुलाई की बैठक पर
इस मामले में अब सबकी नजर 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर है। इसी बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट हो सकता है कि ट्रस्ट आगे दान प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर क्या कदम उठाता है।
राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ा कोई भी विवाद बेहद संवेदनशील माना जाता है। भक्तों की सबसे बड़ी मांग यही है कि जांच निष्पक्ष हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
आगे क्या हो सकता है?
पुलिस की ताजा छापेमारी के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। यदि आरोपियों के घरों या उनसे जुड़े ठिकानों से कोई रकम, दस्तावेज या बहुमूल्य वस्तु बरामद होती है, तो जांच की दिशा और मजबूत हो सकती है।
फिलहाल पुलिस परिवारों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों की भूमिका, संभावित नेटवर्क और चोरी के कथित हिस्से की बरामदगी पर फोकस कर रही हैं।
नोट: मामला अभी जांच के अधीन है। आरोपियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Source: मीडिया रिपोर्ट्स, पुलिस कार्रवाई से जुड़े स्थानीय अपडेट और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बयान के आधार पर तैयार रिपोर्ट।
ट्रस्ट के इस्तीफे और 11 जुलाई बैठक की बात अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में भी आई है। अमर उजाला ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के बयान के साथ इसकी पुष्टि प्रकाशित की है। NDTV की रिपोर्ट में FIR में नामजद 8 लोगों के नामों का उल्लेख है।

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