उत्तर प्रदेश

UP में LPG संकट: योगी सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद लंबी कतारें, जमीनी स्तर पर नहीं सुधरी व्यवस्था

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UP में LPG संकट: सख्ती के बावजूद व्यवस्था लड़खड़ाई, लोगों की परेशानी जारी

उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत अलग

सरकार की ओर से कमी न होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, नोएडा, गोरखपुर, बस्ती, मुरादाबाद और जौनपुर जैसे कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं।

इतना ही नहीं, कई लोगों का कहना है कि बुकिंग कराने के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं, ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी कई बार धीमा या बंद हो रहा है। इस कारण लोग मजबूरी में एजेंसियों पर पहुंचकर लाइन में लग रहे हैं।

कुछ शहरों में ज्यादा गंभीर समस्या

विशेष रूप से मुरादाबाद और ग्रेटर नोएडा में स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अफवाहों और पैनिक बुकिंग की वजह से कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बन गई है, जिससे समस्या और बढ़ गई है।

योगी सरकार का दावा और सख्त निर्देश

इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। साथ ही, उन्होंने अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने यह भी कहा है कि:

  • जमाखोरी करने वालों पर तुरंत FIR दर्ज की जाएगी
  • दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी
  • आम जनता की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी

प्रशासन ने भी दी सफाई

मुरादाबाद मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि जिले में किसी प्रकार का संकट नहीं है। बल्कि, बाहरी खबरों के कारण लोग घबराहट में ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं।

इसी तरह जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने बताया कि गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, अफवाहों को रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, सरकार लगातार यह कह रही है कि LPG की कोई वास्तविक कमी नहीं है। हालांकि, जमीनी स्तर पर दिख रही लंबी कतारें और सप्लाई में देरी यह संकेत देती हैं कि व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है। ऐसे में, प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोगों का भरोसा बनाए रखना और सप्लाई सिस्टम को सुचारु करना है।

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