छत्तीसगढ़ में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि बारिश की गतिविधियां बढ़ने से किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, मानसून की धीमी शुरुआत का असर अब तक के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। 1 जून से 8 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि प्रदेश मानसून की कमी कितनी तेजी से पूरी कर पाता है।
अगले चार दिनों तक बारिश का दौर रहेगा जारी
मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
रायपुर सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान करीब 31 से 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अब तक प्रदेश में 17% कम बारिश क्यों हुई?
मानसून इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अपेक्षाकृत धीमी गति से आगे बढ़ा। इसके कारण जून के अंतिम सप्ताह तक कई जिलों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी। हालांकि जुलाई की शुरुआत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन अब तक प्रदेश औसत वर्षा से पीछे चल रहा है।
1 जून से 8 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 239.2 मिमी (करीब 9.4 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक 286.7 मिमी (करीब 11.2 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अभी भी 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।
यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो यह अंतर काफी हद तक कम हो सकता है।
किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश?
हालांकि पूरे प्रदेश का औसत सामान्य से कम है, लेकिन कई जिलों में मानसून ने शानदार प्रदर्शन किया है। इन जिलों में किसानों को खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिलने लगी है।
सबसे अधिक वर्षा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई, जहां 450.7 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य से 84 प्रतिशत अधिक है।
इसके अलावा इन जिलों में भी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है—
- दंतेवाड़ा – 356.4 मिमी (20% अधिक)
- मुंगेली – 324 मिमी (35% अधिक)
- सक्ति – 318.2 मिमी (23% अधिक)
- महासमुंद – 309.2 मिमी (20% अधिक)
- रायपुर – 297 मिमी (22% अधिक)
- जांजगीर-चांपा – 293.3 मिमी (26% अधिक)
इन जिलों में जलाशयों और नदियों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
इन जिलों में अब भी सामान्य से काफी कम बारिश
राज्य के कई हिस्सों में अभी भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इसका सबसे अधिक असर खेती और जल स्रोतों पर पड़ सकता है।
सबसे कम बारिश सरगुजा जिले में दर्ज की गई है, जहां केवल 144.4 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 53 प्रतिशत कम है।
इसके अलावा इन जिलों में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई—
- कांकेर – 48% कम
- जशपुर – 43% कम
- कोरिया – 36% कम
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही – 32% कम
- मोहला-मानपुर-चौकी – 31% कम
- कोंडागांव – 30% कम
- बेमेतरा – 29% कम
- सुकमा – 27% कम
- सूरजपुर – 26% कम
यदि इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं अगले चार दिन?
जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ सीजन के लिए बेहद अहम माना जाता है। धान सहित कई प्रमुख फसलों की बुवाई इसी समय होती है।
यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहता है और अगले चार दिनों तक अच्छी बारिश होती है, तो जिन जिलों में अब तक कम वर्षा हुई है वहां भी खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध हो सकेगी। इससे किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि मौसम विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन देखकर ही बुवाई, उर्वरक और कीटनाशक का उपयोग करें।
बिजली गिरने की चेतावनी को हल्के में न लें
मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।
ऐसे मौसम में खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। यदि तेज गर्जना सुनाई दे तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं। किसानों को भी बारिश के दौरान कृषि कार्य रोकने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की सलाह
IMD ने नागरिकों और किसानों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं—
- मौसम का ताजा पूर्वानुमान नियमित रूप से देखें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- भारी बारिश के दौरान नदी-नालों को पार करने से बचें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन सावधानी से चलाएं।
- किसान बुवाई और कृषि कार्य मौसम की स्थिति देखकर ही करें।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में मानसून अब दोबारा सक्रिय हो चुका है और अगले चार दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि अब तक प्रदेश में औसतन 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए। यदि भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी हो तो प्रशासन की सलाह का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

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